कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त, फसलों पर मंडराया संकट

पारा 5पांच डिग्री पर पहुंचा, कुहासा से किसानों की बढ़ी चिंता

पारा 5पांच डिग्री पर पहुंचा, कुहासा से किसानों की बढ़ी चिंता

प्रतिनिधि, सतबरवा

लगातार गिरते तापमान और बढ़ती कनकनी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. सुबह के समय ठंड इतनी तेज है कि लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है. हालांकि धूप निकलने के बाद लोगों को कुछ राहत मिली.

शुक्रवार की सुबह करीब छह बजे न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. कड़ाके की ठंड और कुहासे का असर ग्रामीण इलाकों में भी साफ दिखा. प्रखंड क्षेत्र के रबदा गांव में कई किसानों के पुआल के ढेर पर ओंस जमी हुई देखी गयी, जिससे ठंड की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है. सतबरवा प्रखंड के बीटीएम वरुण सिंह यादव ने बताया कि कुहासा और ठंड के कारण खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंच रहा है. फसलों को बचाने के लिए समय-समय पर पटवन करते रहना जरूरी है, ताकि खेतों में नमी बनी रहे. नमी रहने से ठंड का असर कुछ हद तक कम किया जा सकता है. वहीं चतरा सांसद प्रतिनिधि धीरज कुमार ने कहा कि तापमान में लगातार गिरावट के कारण लोग बीमार पड़ रहे हैं. ठंड जनित बीमारियों से कई लोगों की मौत भी हो चुकी है. ऐसे में सभी लोगों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है.

कृषि व श्रम नियोजन विभाग के सांसद प्रतिनिधि अनिल कुमार सिंह ने बताया कि ठंड और कुहासे का सबसे अधिक असर किसानों पर पड़ रहा है. आलू, राई, गेहूं सहित दलहन की खड़ी फसलें प्रभावित हो रही हैं और कई जगह सूखने लगी हैं. उन्होंने सरकार से फसलों का आकलन कराकर किसानों को मुआवजा देने की मांग की है.

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Author: DEEPAK

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