आदर्श ग्राम पंचायत का दर्जा केवल नाम भर का है

प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम में उठा चिकित्सा, जल संकट, सिंचाई, नील गाय से फसल की बर्बादी का मामला

प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम में उठा चिकित्सा, जल संकट, सिंचाई, नील गाय से फसल की बर्बादी का मामला प्रतिनिधि, पाटन, किशुनपुर पंचायत को आदर्श ग्राम पंचायत का दर्जा मिला है, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. गुरुवार को देवी मंडप के पास आयोजित प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम में ग्रामीणों ने अपनी ज्वलंत समस्याएं खुलकर रखीं. उनका कहना था कि आदर्श ग्राम पंचायत का दर्जा केवल नाम भर का है, जबकि बुनियादी सुविधाओं का अभाव लोगों को रोज़ाना परेशान कर रहा है. सबसे गंभीर समस्या जल संकट ग्रामीणों ने सबसे गंभीर समस्या पेयजल संकट को बताया. वित्तीय वर्ष 2016-17 में करोड़ों की लागत से बनी जलापूर्ति योजना कभी भी सुचारू रूप से संचालित नहीं हो सकी और पिछले तीन वर्षों से पूरी तरह ठप है. इसी तरह सांसद द्वारा 28 लाख रुपये की लागत से लगाया गया आरओ प्लांट भी शुरुआती दिनों के बाद बंद पड़ा है. मरम्मत और ट्रांसफार्मर लगाने के बावजूद यह योजना कारगर नहीं हो सकी. परिणामस्वरूप लोग गर्मी के दिनों में पानी के लिए भटकते हैं और जो सक्षम हैं, वे जार से पानी खरीदकर पीते हैं. सिंचाई के अभाव में खेती करना बेहद कठिन किसानों ने बताया कि सिंचाई के अभाव में खेती करना बेहद कठिन हो गया है. बारिश पर निर्भर रहना पड़ता है और कर्ज लेकर मेहनत करने के बावजूद फसल का लाभ नहीं मिल पाता. नीलगाय और बंदर फसलों को बर्बाद कर देते हैं. बंदर घरों की छतों पर उछल-कूद कर खपरैल को भी नुकसान पहुँचाते हैं. प्रशासन इस पर रोक लगाने में पूरी तरह उदासीन है. चेतमा गांव के मनोज उपाध्याय ने अमानत बराज को चालू कर किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाने की मांग की. स्वास्थ्य सुविधा का अभाव किशुनपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन तो बना है, लेकिन चिकित्सक और संसाधनों का अभाव है. आयुष चिकित्सक के भरोसे केंद्र चल रहा है, जबकि महिला और पुरुष चिकित्सक की विशेष आवश्यकता है. ग्रामीणों ने कहा कि मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है और स्वास्थ्य केंद्र केवल नाम मात्र का रह गया है. मौके पर राकेश गिरी, शंभू गुप्ता, दयानंद तिवारी, रौशन कांदु, बबलू सिंह, ताज अंसारी, बसंत, भोला, रंजीत, शमशेर अंसारी सहित कई ग्रामीण मौजूद थे. नील गाय के उत्पात से परेशान है किसान : अजय फोटो 12 डालपीएच – 3 अंकराहा गांव के किसान अजय उपाध्याय ने किसानों की परेशानी बतायी. उन्होंने कहा कि सिंचाई के अभाव में खेती कार्य किसी तरह किया जाता है. कर्ज लेकर किसान कड़ी मेहनत कर खेती करते है. लेकिन उसका लाभ किसानों को नही मिल पाता. क्योंकि गांव में नील गाय व बंदर फसल को नुकसान पहुंचाते है. फसलों के अलावा बंदर खपरैल मकान पर उछल कूद करते है जिससे खपडा बर्बाद हो जाता है. प्रशासन इस पर रोक लगाने की दिशा में कोई कदम नही उठा रही है. पेयजल संकट से छुटकारा दिलाने की जरूरत : रामलखन फोटो 12 डालपीएच 4 रामलखन प्रसाद कश्यप ने कहा कि पलामू सांसद ने किशुनपुर में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सार्थक प्रयास किया गया. आरओ प्लांट लगाया गया. पाइप से जलापूर्ति की व्यवस्था की गयी. लेकिन देखरेख के अभाव में जलापूर्ति योजना अंतिम सांस ले रही है. विभागीय पदाधिकारियों की उदासीनता के कारण यह स्थिति बनी है. जल संकट से निजात दिलाने के लिए जलापूर्ति योजना व आरओ प्लांट को दुरुस्त करने की आवश्यकता है. अमानत बराज से सिंचाई की हो व्यवस्था : मनोज फोटो 12 डालपीएच 5 चेतमा गांव के मनोज उपाध्याय ने कहा कि खेती किसानी के लिए सिंचाई की व्यवस्था जरूरी है. बारिश के भरोसे किसान खेती करते है. सरकार चाहिए कि अमानत बराज को चालू कर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाया जाये. सिंचाई की समुचित व्यवस्था करने के अलावा नीलगाय व बंदरों से फसलों की सुरक्षा किया जाना आवश्यक है. किशुनपुर में चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति जरूरी : सत्येंद्र फोटो 12 डालपीएच 6 सत्येंद्र साव ने कहा कि किशुनपुर में इलाज की बेहतर व्यवस्था के लिए चिकित्सक की आवश्यकता है. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी चिकित्सक नही है. आयुष चिकित्सक के भरोसे यह स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है. जबकि महिला व पुरुष चिकित्सक की खास जरूरत है. बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाना आवश्यक है.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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