वेतन नहीं तो काम नहीं नारे के साथ एनएचएम कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार प्रतिनिधि, मेदिनीनगर पलामू जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मियों का आंदोलन स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर असर डाल रहा है. छह माह से वेतन नहीं मिलने के कारण एएनएम, जीएनएम, फार्मासिस्ट, लैब तकनीशियन सहित लगभग 700 कर्मी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. बच्चों की फीस, किराया और दवाइयों जैसी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करने के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है. इसी विवशता में उन्होंने वेतन नहीं तो काम नहीं का नारा बुलंद करते हुए गुरुवार से मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया. कर्मियों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों ने केवल आश्वासन दिया, लेकिन वेतन भुगतान नहीं किया. इस कारण उनका सब्र टूट गया और उन्होंने सामूहिक कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया. आंदोलन में बड़ी संख्या में कर्मी शामिल हुए और साफ कहा कि जब तक लंबित वेतन का भुगतान नहीं होगा, वे काम पर नहीं लौटेंगे. धरना स्थल पर नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर राकेश सिंह उर्फ मंगल सिंह पहुंचे और आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मियों की मांग पूरी तरह जायज है और सरकार को तुरंत बकाया वेतन का भुगतान करना चाहिए. पहले वेतन दीजिए, तभी वे काम पर लौटेंगे धरना की सूचना मिलने पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय कुमार और सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने कर्मियों से बातचीत की और हड़ताल समाप्त करने की अपील की. लेकिन कर्मियों ने दो टूक कहा कि पहले वेतन दीजिए, तभी वे काम पर लौटेंगे. धरना प्रदर्शन में चंचला कुमारी, शबाना खातून, पप्पू कुमार साहू, दुर्गेश सिंह, श्रीपति पांडेय, अनुज श्रीवास्तव, सुजीत कुमार, बबिता कुमारी, संजय ठाकुर, सुजीत मिंज, धीरज पांडेय, पिंकी, शांति, अनुपा टोप्पो, अंकित, रीता, नेहा, प्रतिमा, सुचिता केरकेट्टा, रोज प्रतिमा खलको सहित कई कर्मी शामिल थे.
छह माह से नहीं मिला वेतन, एनएचएम कर्मियों के सब्र का बांध टूटा
वेतन नहीं तो काम नहीं नारे के साथ एनएचएम कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार
