राकेश कुमार पाठक की रिपोर्ट
मेदिनीनगर. नगर निगम में शामिल राजस्व गांवों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या दो स्थित बैंक कॉलोनी मोहल्ले के लोग सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और शुद्ध पेयजल जैसी समस्याओं से परेशान हैं. लोगों का कहना है कि नगर निगम में शामिल होने के आठ वर्ष बाद भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है.
सड़क कीचड़ में तब्दील
आज भी लोग जर्जर कच्ची सड़क से आवागमन करने को मजबूर हैं. बरसात में बैंक कॉलोनी के रोड नंबर चार और निचले इलाकों के लोगों की परेशानी और बढ़ गयी. कच्ची सड़क पर जलजमाव के कारण कई जगह गड्ढे बन गये और सड़क कीचड़ में तब्दील हो गयी. इससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया.
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शिकायत के बाद भी नहीं भरे गये गड्ढे
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की स्थिति को लेकर शिकायत के बावजूद नगर निगम प्रशासन की ओर से गड्ढों को नहीं भरा गया. इससे नाराज लोगों ने खुद पहल की और जनसहयोग से जर्जर सड़क की मरम्मत करायी.
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स्ट्रीट लाइट नहीं होने से अंधेरे में परेशानी
मोहल्ले में नगर निगम प्रशासन की ओर से स्ट्रीट लाइट भी नहीं लगायी गयी है. इसके कारण रात में लोगों को आवागमन में परेशानी होती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन-प्रशासन उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है. मोहल्ले के रविंद्र तिवारी, मिथिलेश सिंह, धीरेंद्र कुमार, विपिन सिंह, संजय यादव, दिवाकर, बीरेन्द्र साव, जितेंद्र सिंह, ललित गुप्ता, मिथिलेश कुमार, सुशील कुमार, धर्मेंद्र कुमार, राधिका देवी, पूनम, रामभजन साव सहित अन्य लोगों ने गड्ढों में भरावट कर सड़क को चलने लायक बनाया. स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन से सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट और शुद्ध पेयजल समेत अन्य बुनियादी समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की है.
