Palamu (मेदिनीनगर): पलामू जिले के रामपुर गांव में जमीन विवाद को लेकर हुई हिंसक झड़प (जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और कई लोग घायल हुए) का मामला अब गरमाता जा रहा है. इस घटना पर भाजपा के भीतर से ही निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है. भाजपा किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ज्योतिरीश्वर सिंह ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और अपनी ही पार्टी के स्थानीय विधायक के रुख पर सवाल उठाए हैं. ज्योतिरीश्वर सिंह ने कहा कि रामपुर की घटना बेहद दुखद और निंदनीय है.
आलोक चौरसिया के बयान से मचा बवाल
डाल्टनगंज के भाजपा विधायक आलोक चौरसिया के बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक विधायक के शब्दों का जनता पर बड़ा असर होता है. इसलिए उन्हें प्रशासन की अंतिम जांच रिपोर्ट आने से पहले ऐसा कोई बयान नहीं देना चाहिए था, जिससे लगे कि किसी एक खास समाज या वर्ग को पहले से ही दोषी मान लिया गया है. मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि न्याय हमेशा सच और सबूतों के आधार पर होना चाहिए, न कि किसी पुरानी सोच पर. जांच पूरी होने से पहले किसी भी पक्ष या समुदाय को ‘दबंग’ या ‘अपराधी’ बताना सही नहीं है.
प्रदेश संगठन के बड़े नेताओं से की अपील
इससे समाज में आपसी तनाव और कड़वाहट बढ़ सकती है. उन्होंने भाजपा के प्रदेश संगठन और बड़े नेताओं से इस मामले में दखल देने की मांग की है. ज्योतिरीश्वर सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही, जिलाध्यक्ष अमित तिवारी और वरीष्ठ नेता श्याम नारायण दुबे जैसे वरिष्ठ नेताओं से आग्रह किया है कि पार्टी की तरफ से एक स्वतंत्र जांच टीम (तथ्य-जांच कमेटी) तुरंत रामपुर भेजी जाए, जो वहां जाकर सही स्थिति का पता लगाए.
दोषियों को मिले कड़ी सजा
उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन को इस मामले पर सही दिशा-निर्देश देना चाहिए ताकि भाजपा की ‘सबको साथ लेकर चलने वाली’ और निष्पक्ष छवि बनी रहे. भाजपा नेता श्री सिंह ने स्थानीय पुलिस-प्रशासन से भी बिना किसी दबाव के, पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करने की अपील की. उन्होंने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता समाज में शांति बनाए रखना और न्याय करना होना चाहिए. किसी भी निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए और जो असली दोषी हो, उसकी जाति या रसूख देखे बिना कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए. ताकि समाज में कानून का राज कायम रहे.
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