सतबरवा: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के द्वारा उपभोक्ताओं के दुकान तथा घरों में विनयमक बोर्ड डिजिटल मीटर (स्मार्ट मीटर) के बिल में अनियमितता तथा बिजली के लगातार कटौती के कारण उपभोक्ताओं में काफी आक्रोश देखा जा रहा है.
बिजली बिल के परेशानी को लेकर रविवार को कई उपभोक्ताओं ने बैठक किया तथा बिजली विभाग पर नाराजगी व्यक्त किया. सतबरवा के उपभोक्ताओं अफजाल अंसारी, अजय कुमार, विपिन कुमार, मोहम्मद करीम, अशोक साव, तालिब इकबाल समेत उपभोक्ताओं ने बताया कि सतबरवा में जब से डिजिटल मीटर (स्मार्ट मीटर) लगाया गया है तब से बिजली बिल में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है.
इस मीटर से बिजली की रीडिंग काफी तेजी गति से हो रही है. जिससे घरेलू, कृषि, व्यवसाय तथा छोटे-मोटे उद्योग धंधों पर असर पड़ रहा है. उपभोक्ताओं का आरोप है कि डिजिटल मीटर के कारण उपभोक्ताओं के बिजली बिल में काफी गड़बड़ी देखी जा रही है.
इस संबंध में स्थानीय स्तर पर कर्मियों से कई बार शिकायत की गई मगर नजर अंदाज किया जा रहा है तथा हर हाल में बिजली बिल भरने की धमकी भी दी जा रही है. सामाजिक कार्यकर्ता आशीष सिन्हा ने कहा कि वर्तमान समय में बिजली भी मूलभूत आवश्यकताओं में शामिल हो गया है, जिसका नजर अंदाज नहीं किया जा सकता.
स्मार्ट मीटर के बिजली बिल से सैकड़ो की संख्या में उपभोक्ता परेशान है .ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के बिजली बिल में भी काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है. जबकि सरकार के द्वारा 200 यूनिट बिजली फ्री देने का वादा किया गया है. इसके बावजूद भी बिजली का बिल दो पांच सौ रुपए की जगह हजारों रुपए के आ रहे हैं.
इस पर विभाग को विचार करना चाहिए ताकि उपभोक्ताओं में बढ़ रहे असंतोष को दूर किया जा सके.उन्होंने कहा कि बिजली बिल के अनियमितता को लेकर मेदिनीनगर स्थित जीएम कार्यालय को आवेदन सौंपा जाएगा.
उन्होंने कहा कि सिर्फ घरों में बल्ब जलाने वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भी काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे दिनचर्या पर भी असर देखा जा रहा है. उपभोक्ताओं का आरोप है कि हाल के दिनों में उमस भरी गर्मी होने के बावजूद बिजली कटौती ज्यादा किया जा रहा है.
