खेत और सड़क में नहीं हैं अंतर, लोगों ने कीचड़ से भरी सड़क पर चलाया हल

पलामू के छोटकी आसेहार गांव में सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने कीचड़ भरी सड़क पर हल चलाकर और धान की रोपाई कर प्रशासन के खिलाफ अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।

पलामू (मेदिनीगर): पलामू जिले के पांकी प्रखंड के आसेहार पंचायत के छोटकी आसेहार गांव में मुख्य सड़क की बदहाली से नाराज ग्रामीणों ने सड़क पर ही धान की रोपाई की. दशकों से पक्की सड़क की मांग पूरी न होने पर ग्रामीणों ने खेत के बजाय कीचड़ से भरी सड़क पर ही हल चलाया और धान की रोपाई कर दी.

आपसी सहयोग व श्रमदान से की थी सड़क की मरम्मत

सामाजिक कार्यकर्ता विनय सिंह दांगी के नेतृत्व में किया गया. चंदा जुटाकर बनाई थी कच्ची सड़क ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन की ओर से पहल न होने पर पूर्व में गांव के लोगों ने चंदा जुटाया था. आपसी सहयोग और श्रमदान से कच्ची सड़क को चलने लायक बनाया गया था. ग्रामीणों ने अपने स्तर से मरम्मत भी की, लेकिन बारिश और देखरेख के अभाव में रास्ता फिर खराब हो गया.

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बरसात में सबसे ज्यादा होती है परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए उन्हें बार-बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, फिर भी कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ. बरसात में सबसे ज्यादा बढ़ती है परेशानी ग्रामीणों के अनुसार बरसात में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है. इससे बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और ग्रामीणों को बाजार आने-जाने में भारी परेशानी होती है. आपात स्थिति में मरीज को वाहन से अस्पताल ले जाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है.


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अब खेत और सड़क में कोई अंतर नहीं

सड़क खराब होने के कारण लोगों को पैदल या अन्य साधनों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है. हल चलाकर ग्रामीणों ने सरकार और स्थानीय विधायक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया . इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि जब सड़क कीचड़ के कारण खेत जैसी हो चुकी है, तो अब खेत और सड़क में कोई अंतर नहीं बचा है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक से सड़क का स्थायी समाधान कराने की मांग की गयी है.

सड़क गांव के विकास की बुनियादी जरूरत

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क गांव के विकास की बुनियादी जरूरत है. जब तक गांव सड़क से नहीं जुड़ेगा, विकास अधूरा रहेगा. सड़क निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के ग्रामीण विकास के दावे छोटकी आसेहार की तस्वीर के आगे खोखले साबित हो रहे हैं.

मामले को गंभीरता से ले जिला प्रशासन

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थल का निरीक्षण करने और जल्द पक्की सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है. ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क नहीं बनती, उनका संघर्ष जारी रहेगा और वे आगामी चुनाव का पूर्ण बहिष्कार करेंगे.


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By Chandra shekhar singh

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