शिवेंद्र कुमार, मेदिनीनगर डालटनगंज-गढ़वा रेल मार्ग पर गुरुवार दोपहर राजहरा स्टेशन के पास कोयला लदी मालगाड़ी की 15 बोगियां पलट जाने से रेल यातायात पूरी तरह बाधित हो गया था. इस दुर्घटना के कारण अपलाइन पर मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. लगभग 38 घंटे तक इस मार्ग पर ट्रेनों का संचालन बंद रहा. शुक्रवार रात 12:35 बजे रेलवे अधिकारियों ने युद्धस्तर पर काम करते हुए ट्रैक को दुरुस्त किया और ट्रायल के लिए मालगाड़ी को पास कराया. इसके बाद शनिवार सुबह 7:50 बजे जीडीआर पैसेंजर ट्रेन ने राजहरा स्टेशन पार किया और धीरे-धीरे ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो गया.
सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर गिर सकती है गाज
रेलवे अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना का मुख्य कारण ट्रैक में क्रेक होना था. ट्रैक की देखभाल की जिम्मेदारी सीनियर सेक्शन इंजीनियर पर होती है, इसलिए विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है. विभाग ने ट्रैक की जांच के लिए अल्ट्रासोनिक फ्लो डिटेक्शन मशीन उपलब्ध कराई थी और दो दिन पहले इसी मशीन से जांच भी की गई थी. इसके बावजूद हादसा होने से इंजीनियर की जिम्मेदारी तय की जा रही है. दुर्घटना के समय मालगाड़ी की गति मात्र 20 किलोमीटर प्रति घंटा थी, इसलिए ओवरस्पीडिंग का मामला नहीं बनता. साथ ही, ड्राइवर और अन्य कर्मचारियों की जांच में नशे जैसी कोई बात सामने नहीं आयी. यह घटना रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करती है और यह स्पष्ट करती है कि केवल तकनीकी जांच पर्याप्त नहीं, बल्कि नियमित निगरानी और जिम्मेदारी तय करना भी उतना ही आवश्यक है.