पांकी में आक्रोश महापंचायत: बेटियों की सुरक्षा को लेकर गरजे बाबूलाल मरांडी, पुलिस-प्रशासन पर उठाये सवाल

पांकी में आदिवासी परिवार की नाबालिग बहनों से जुड़े दुष्कर्म और धमकी के मामले को लेकर विशाल आक्रोश महापंचायत का आयोजन किया गया. इस दौरान BJP नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया.


पांकी से पिंटू कुमार सिंह की रिपोर्ट

Palamu News: पलामू जिले के पांकी प्रखंड के चांपी-फुलवरिया स्थित बाजार टांड़ परिसर में गुरुवार को विशाल आक्रोश महापंचायत का आयोजन किया गया. आदिवासी परिवार की दो नाबालिग बहनों से जुड़े कथित अपहरण, दुष्कर्म और धमकी के मामले को लेकर आयोजित महापंचायत में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता, चतरा सांसद कालीचरण सिंह समेत कई भाजपा नेताओं ने हिस्सा लिया. भारी बारिश के बावजूद महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग अपनी मांगों को लेकर डटे रहे.

पीड़ित परिवार को मिल रही धमकी

महापंचायत को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दुष्कर्म के बाद दो बहनों को घर से उठाकर पहले मनिका ले जाया गया और बाद में उन्हें छिपाकर रांची में रखा गया. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पीड़ित परिवार की ओर से जो बातें बताई गई हैं, वे गंभीर चिंता का विषय हैं. बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि पीड़ित परिवार को कथित तौर पर डराया-धमकाया जा रहा है और बेटियों को चेहरा ढककर रखने की धमकी दिये जाने की बात सामने आई है.

पीड़ितों को सुरक्षा का भरोसा दे पुलिस: मरांडी

उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी परिवार को ऐसे डर के माहौल में नहीं रहना चाहिए. पुलिस-प्रशासन को पीड़ित परिवार के बीच जाकर उनका भरोसा बढ़ाना चाहिए. एसपी, डीएसपी और थाना प्रभारी स्तर के अधिकारियों को खुद गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिलना चाहिए और उन्हें पूरी सुरक्षा का भरोसा देना चाहिए.उन्होंने पुलिसिया कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाया कि जब पीड़िता ने राजनीतिक प्रतिनिधियों के सामने अपनी पूरी आपबीती बेझिझक बताई है, तो पुलिस के समक्ष अपनी बात रखने में उसे डर क्यों महसूस हो रहा है. उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच करने की मांग की.

दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई: कालीचरण सिंह

वहीं चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि बेटियों की सुरक्षा सरकार की सबसे पहली प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आदिवासियों समेत सभी सनातनियों के मान-सम्मान और मर्यादा की रक्षा करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है. सांसद ने जोर देकर कहा कि कानून व्यवस्था के मामले में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर से कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए. महापंचायत में अपनी बात रखते हुए लवली गुप्ता ने कहा कि पीड़िता की व्यथा सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं.

अत्याचारियों को देंगे मुंहतोड़ जवाब : विधायक

पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने महापंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी बेटियों के साथ अत्याचार करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. विधायक ने आरोप लगाया कि सकलदीपा और आसपास के क्षेत्रों में आदिवासी परिवारों को डराने-धमकाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि पीड़िता के माता-पिता को भी गंभीर धमकियां दी गयी हैं.विधायक ने कहा कि नाबालिग बच्चियों के लापता होने के बाद परिवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी परिवार की ओर से गंभीर सवाल उठाये गये हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को राहत देने के बजाय बार-बार थाने बुलाकर दबाव में लेने का प्रयास किया गया. उन्होंने लेस्लीगंज एसडीपीओ प्रशांत कुमार और पांकी थाना प्रभारी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की और आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को संरक्षण दे रही है.

विधायक ने ली पांच बहनों की पढ़ाई की जिम्मेदारी

महापंचायत के दौरान पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने एक बड़ी सामाजिक पहल करते हुए पीड़ित परिवार की पांचों बहनों को गोद लेकर उनकी पढ़ाई और आगे की पूरी शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि बेटियों की शिक्षा किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होने दी जायेगी. विधायक ने कहा कि पीड़ित बच्चियों में अभी भय का माहौल है और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाना समाज और प्रशासन दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है. उन्होंने प्रशासन से अविलंब बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.

पीड़ित परिवार के घर भोजन किए बाबूलाल मरांडी

महापंचायत में शामिल होने से पहले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी स्वयं आदिवासी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे. उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली. इस दौरान परिवार के सदस्यों ने रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाई. पीड़िता ने भी कथित तौर पर आरोपियों के साथ-साथ पुलिस-प्रशासन की ओर से डराए-धमकाए जाने की बात बताई.

मरांडी ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि इस गंभीर मामले को पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आखिरी दम तक आवाज बुलंद की जाएगी. पीड़ित परिवार के घर प्रवास के दौरान बाबूलाल मरांडी ने बेहद सादगी का परिचय दिया. उन्होंने जमीन पर बैठकर सखुआ (साल) के पत्ते में भोजन ग्रहण किया. उनके साथ पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता, चतरा सांसद कालीचरण सिंह सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी जमीन पर बैठकर भोजन किया. इस दौरान रास्ते में ग्रामीणों ने बाबूलाल मरांडी का कई स्थानों पर आत्मीय स्वागत भी किया.

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मौके पर जो लोग रहे मौजूद

मौके पर महापंचायत में भाजपा महामंत्री मनोज सिंह, जिलाध्यक्ष अमित तिवारी, विजय ठाकुर, जिला प्रतिनिधि प्रकाश मेहता, सरोज चटर्जी, प्रोफेसर बच्चन ठाकुर, किसलय तिवारी, पांकी विधायक प्रतिनिधि राजेंद्र यादव, मंटू शर्मा, राकेश वर्मा, रिमा शर्मा, नीलम देवी, रौशन सिंह, शत्रुघ्न सिंह, श्याम नंदन ओझा, सुंदर उरांव, मंडल अध्यक्ष राकेश चंद्रवंशी, पांकी मंडल महामंत्री सत्येंद्र सिंह, वीरेंद्र मेहता समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद थे.

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By Chandrashekhar singh

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