9 महीने से सूखी थी नहर, अब खेतों तक पहुंचा पानी! 105 गांवों के किसानों को मिली बड़ी राहत

पलामू के मलय डैम की नहर मरम्मत के बाद 105 गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिला। धान की रोपनी में तेजी आने की उम्मीद है। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।

सतबरवा,पलामू: पलामू जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर सतबरवा प्रखंड स्थित मुरमा-कठौतिया मलय डैम का फाटक नहर की मरम्मत के बाद फिर खोल दिया गया है। इससे सतबरवा, लेस्लीगंज और मेदिनीनगर सदर प्रखंड के करीब 105 गांवों के किसानों को पटवन के लिए पानी मिलने की उम्मीद जगी है। नहर के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचने के बाद किसान धान की रोपनी में जुट गये हैं।

किसानों के अनुसार, पिछले वर्ष 10 नवंबर को चैन संख्या 18, सतबहिनी के पास पानी के दबाव के कारण नहर टूट गयी थी। इसके बाद करीब नौ माह तक नहर क्षतिग्रस्त रहने से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित रही। इस वर्ष मौसम की बेरुखी के कारण पहले ही क्षेत्र में धान की रोपनी काफी कम हुई है। ऐसे में डैम से पानी मिलने को किसान बड़ी राहत के रूप में देख रहे हैं।

सतबरवा के किसान बिगन मिस्त्री और हलुमाड़ गांव के योगेंद्र भुइयां समेत अन्य किसानों ने बताया कि सिंचाई के पानी के अभाव में धान की रोपनी प्रभावित हो रही थी। अब नहर दुरुस्त होने के बाद शेष खेतों में रोपनी का काम तेज होने की उम्मीद है।

किसान महापंचायत के बाद तेज हुआ प्रयास

क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत को लेकर आशीष सिन्हा के नेतृत्व में किसान महापंचायत आयोजित की गयी थी। इसमें किसानों की समस्या को लेकर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गयी थी। राज्य दिशा समिति के सदस्य अवधेश सिंह चेरो और आशीष सिन्हा ने बताया कि किसानों की समस्या को लेकर विभाग और जनप्रतिनिधियों से लगातार पत्राचार किया गया।

पलामू डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पांकी विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता के संज्ञान में मामला आने के बाद विभागीय स्तर पर सक्रियता बढ़ी और नहर की मरम्मत पूरी हो सकी। विधायक प्रतिनिधि सह सोशल मीडिया प्रभारी महेश यादव और सांसद प्रतिनिधि विजय पाठक ने कहा कि विधायक किसानों की समस्या को लेकर लगातार सक्रिय रहे।

लीकेज ठीक होने के बाद छोड़ा गया पानी

विभाग के कनीय अभियंता हृदय कुमार ने बताया कि डैम का फाटक सोमवार को ही खोल दिया गया था। हालांकि, क्षतिग्रस्त नहर के पास पानी का रिसाव हो रहा था। इसे दुरुस्त करने के बाद दोबारा नहर के माध्यम से पटवन के लिए पानी छोड़ा गया।

नहर में पानी पहुंचने के बाद किसानों ने राहत जतायी है। उन्हें उम्मीद है कि समय पर सिंचाई का पानी मिलने से इस वर्ष धान की खेती को कुछ हद तक संभाला जा सकेगा।


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By Prabhat khabar news desk

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