मेदिनीनगर,पलामू : पलामू जिले में कम बारिश और भीषण गर्मी के कारण खेती का काम संकट में है. इस समस्या को दूर करने के लिए गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उच्चस्तरीय बैठक हुई. इसकी अध्यक्षता वित्त और संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने की.
मंत्री ने अधिकारियों से साफ कहा कि सूखे को देखते हुए किसानों को सिंचाई के लिए पूरी बिजली मिलनी चाहिए. बिजली की कमी की वजह से किसानों का कोई भी काम प्रभावित नहीं होना चाहिए.
बैठक में बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पूरे पलामू जिले को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए हर दिन 270 मेगावाट बिजली की जरूरत है. लेकिन इसके बदले जिले को केवल 183 मेगावाट बिजली ही मिल पा रही है. इस तरह पलामू में हर दिन 87 मेगावाट बिजली कम है. इसी कमी के कारण गांवों और कस्बों में बिजली की कटौती करनी पड़ रही है.
ग्रिड निर्माण में देरी पर मंत्री नाराज
बैठक में छतरपुर और नौडीहा बाजार के मायापुर में बन रहे नए बिजली ग्रिड की समीक्षा की गई. इन्हें दिसंबर माह तक शुरू करने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि वन विभाग से एनओसी (अनापत्ति पत्र) नहीं मिलने के कारण छतरपुर ग्रिड का काम रुका हुआ है. साथ ही ठेकेदार ने भी काम बहुत देर से शुरू किया.
इस पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपस में मिलकर इस रुकावट को तत्काल दूर करें और काम को तेजी से पूरा कराएं.
रोज जल रहे हैं 25 ट्रांसफार्मर
बिजली विभाग के इंजीनियरों ने बताया कि ज्यादा लोड और गर्मी की वजह से ग्रामीण इलाकों में हर दिन 20 से 25 ट्रांसफार्मर जल रहे हैं. इस वजह से गांवों में अंधेरा छा जाता है. अधिकारियों ने बैठक में 400 नए ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की मांग की.
मंत्री ने भरोसा दिया कि वे अपने स्तर से तुरंत नए ट्रांसफार्मर दिलाने की पहल करेंगे. उन्होंने 25 केवीए के ट्रांसफार्मर को 63 केवीए और 63 केवीए को 100 केवीए में अपग्रेड करने का आदेश दिया.
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार के अलावा बिजली विभाग के मेदिनीनगर के महाप्रबंधक, अधीक्षण अभियंता, डालटनगंज और छतरपुर के कार्यपालक अभियंता, पाटन, छतरपुर और नौडीहा बाजार के प्रखंड विकास पदाधिकारी मौजूद थे.
