पलामू . बिहार के फर्जी परिवहन चालान के जरिये झारखंड में बालू की तस्करी और उसे वैध दिखाने का मामला सामने आया है. पलामू के जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) ने इस संबंध में विभिन्न विभागों और एजेंसियों को पत्र लिखा है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को निर्माण कार्यों के लिए केवल वैध स्टॉकयार्ड से ही बालू खरीदने का निर्देश दिया है.
अवैध को वैध दिखाने के लिए बिहार से चालान
डीएमओ ने पत्र में कहा है कि पलामू जिले में काम कर रहे कुछ संवेदकों द्वारा स्थानीय स्रोतों से अवैध रूप से बालू खनिज का इस्तेमाल निर्माण कार्यों में किया जा रहा है. इसके बाद इस अवैध बालू को वैध दिखाने के लिए दूसरे जिलों और बिहार से परिवहन चालान हासिल किये जा रहे हैं.
सस्ती दर पर लिया जा रहा चालान
पत्र के अनुसार, अवैध बालू को वैध साबित करने के लिए गढ़वा जिले के खरौंधी स्थित बालू भंडारण केंद्रों और बिहार के बालू घाट संचालकों से सस्ती दर पर परिवहन चालान लिये जा रहे हैं. इन चालानों को बिल भुगतान के लिए जमा किया जा रहा है. डीएमओ ने संवेदकों की इस प्रक्रिया को गैरकानूनी बताया है. डीएमओ के अनुसार, इस तरह की गतिविधियों से पलामू जिले में अवैध खनन को बढ़ावा मिल रहा है. इसके साथ ही जिले के राजस्व संग्रह पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
केवल वैध स्टॉकयार्ड से बालू लेने का निर्देश
डीएमओ ने संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को निर्देश दिया है कि निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले बालू की खरीद केवल जिले के वैध स्टॉकयार्ड से ही की जाये. इसके लिए संबंधित विभागों को भी निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है.
सभी संबंधित विभागों को भेजा गया पत्र
पत्र परियोजना निदेशक, एनएचएआइ, कार्यपालक अभियंता, एसएचएजे, जिला अभियंता, जिला परिषद, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भवन निर्माण विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, पथ निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, जेरेडा, आरइओ समेत अन्य संबंधित विभागों को भेजा गया है.
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कई जिलों में बिहार के चालान से बालू को वैध करने का आरोप
सूत्रों के अनुसार, रांची समेत झारखंड के कई जिलों में बिहार के परिवहन चालान के जरिये अवैध बालू को वैध दिखाने का खेल चल रहा है. पिछले दिनों रांची में भी इस मामले की जांच की गयी थी. हालांकि, उस समय रांची के डीएमओ ने बालू को वैध बताया था. पलामू में डीएमओ की ओर से जारी पत्र के बाद अब अवैध बालू के कारोबार और फर्जी चालान के इस्तेमाल को लेकर विभागीय निगरानी बढ़ने की उम्मीद है.
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बिहार का चालान है, तो बालू भी बिहार का ही होना चाहिए
पलामू डीएमओ सुनील कुमार ने कहा कि संवेदकों द्वारा पलामू से अवैध बालू उठाने की शिकायत मिली थी. इसे वैध दिखाने के लिए बिहार से तीन-चार रुपये प्रति सीएफटी की दर से चालान लेकर कार्यालय में बिल जमा किया जा रहा है. इसका भुगतान भी किया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है. उन्होंने कहा कि अगर चालान बिहार का है, तो बालू भी बिहार का ही होना चाहिए. मामले की जांच का निर्देश दिया गया है.
