पलामू में 1 करोड़ 90 लाख की लागत से लगाया गया 113 सीसीटीवी कैमरा तीन माह से बंद

Palamu News : पलामू शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 1.90 करोड़ रुपये की लागत से लगाए गए 113 सीसीटीवी कैमरे पिछले तीन माह से बंद पड़े हैं. पूरी खबर नीचे पढ़ें.

शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट 

Palamu News : पलामू जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न चौक-चौराहा पर स्टार कंपनी के द्वारा 113 सीसीटीवी कैमरा लगाया था, लेकिन पिछले तीन माह से डेड पड़ा हुआ है. सीसीटीवी का सभी कैमरा खराब चुका है. जिला प्रशासन के द्वारा एक करोड़ 90 लाख रुपया इस मद में खर्च किया गया है. वर्ष 2024 में जेमपोर्टल के माध्यम से जिला प्रशासन के द्वारा टेंडर निकाला गया था. कंपनी द्वारा नवंबर 24 से लेकर नवंबर 2025 तक कैमरा मेंटेनेंस के लिए एग्रीमेंट किया गया था, लेकिन एग्रीमेंट समाप्त होने के बाद ही छह माह भी सीसीटीवी कैमरा नहीं चल पाया. वर्तमान में सभी कैमरा खराब पड़ा है. इसके गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा हो रहा है. डेढ़ साल भी सही तरीके से सीसीटीवी कैमरा नहीं चल पाना दुर्भाग्य है. कैमरा खराब होने से सुरक्षा व्यवस्था में परेशानी हो रही है. कैमरा लगने से शहर में हो रहे घटना की आसानी से पहचान की जा सकती थी. जिससे अपराधी जल्द पकड़े जा रहे थे.

विधायक और आइजी के द्वारा किया गया था उद्घाटन

नगर निगम के तहत लगाया गया 113 कैमरा सितंबर 25 में पुलिस विभाग को सौंप दिया गया था. इसके बाद 29 सितंबर को डालटनगंज विधायक आलोक चौरसिया, पलामू प्रमंडल के आइजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा, डीआइजी, डीसी समीरा एस, एसपी रीषमा रमेशन के द्वारा संयुक्त रूप से उदघाटन किया था. लेकिन अप्रैल माह के बाद कैमरा सभी जगह काम करना बंद कर दिया.

जांच के बाद हुआ था भुगतान, अब उठ रहे सवाल 

नगर निगम के टीओपी वन में 58 और टीओपी टू में 55 कैमरे कुल 113 कैमरा लगाने के लिए डीएमएफटी फंड के जेम पोर्टल पर निविदा आमंत्रित की गई थी. लेकिन जब ठेकेदार का चयन होने व काम होने के बाद भुगतान करने का समय आया. तब बताया गया कि डीएमएफटी फंड में पैसा नहीं है. तब तत्कालीन उपायुक्त के द्वारा इसे जिला अनाबद्ध निधि से भुगतान करने का आदेश दिया. इसके बाद नगर आयुक्त जावेद अहमद की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया था. जिसमें नगर आयुक्त के अलावा भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता और डीआइओ के द्वारा इसकी जांच की गई थी. जांच के बाद भुगतान कर दिया गया था. सवाल यह उठता है कि इतनी जांच होने के बाद भी इतनी बड़ी रकम से खर्च करके लगाए गए सीसीटीवी कैमरे इतनी जल्दी खराब कैसे हो गए. इसमें लोगों का कहना है कि काफी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है. नगर आयुक्त की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमिटी की जांच के बाद भुगतान कर दिया है. 

आंधी पानी के कारण कैमरे हुए हैं खराब : सुमित 

कैमरे लगाने वाले स्टार कंपनी के मालिक सुमित कुमार ने बताया कि फरवरी तक सारे कैमरे ठीक थे. उसके बाद मुझे जानकारी नहीं है. इसके बाद उन्होंने कहा कि 110 कैमरे खराब है, तीन कैमरे चल रहे हैं. मार्च में आंधी पानी के कारण कैमरे खराब हो गए हैं.

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Published by: Priya Gupta

प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह झारखंड बीट पर काम कर रही हैं, जहां वह खबरों को आसान भाषा में लिखती हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल बीट पर काम कर चुकी हैं, जहां उन्होंने हेल्थ, रेसिपी, मेहंदी डिजाइन और फैशन से जुड़ी खबरों पर काम किया. इसके अलावा, उन्होंने नेशनल प्रिंटर और लोकल चैनलों में भी काम किया है. उन्होंने ग्रेजुएशन की पढ़ाई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से और मास्टर की पढ़ाई एमिटी यूनिवर्सिटी झारखंड से पूरी की है.

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