पलामू में बन रहा आधुनिक मल्टीलेयर फार्मिंग मॉडल, डीसी ने किया निरीक्षण

Palamu News: पलामू के बसौरा में निर्माणाधीन आधुनिक मल्टीलेयर फार्मिंग मॉडल का डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने काम की प्रगति की समीक्षा की और निर्देश दिए. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

पलामू से चंद्रशेखर की रिपोर्ट

Palamu News: पलामू डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने शनिवार को नीलांबर-पीताम्बरपुर प्रखंड के बसौरा में निर्माणाधीन आधुनिक मल्टीलेयर फार्मिंग प्रणाली का स्थल निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अलग-अलग कामों की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित पदाधिकारियों और संवेदकों को गुणवत्ता के साथ काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया. 

अलग-अलग गतिविधियों का जायजा लिया

निरीक्षण के दौरान मल्टीलेयर फार्मिंग परियोजना के तहत विकसित किए जा रहे सब्जी नर्सरी, शेड नेट हाउस और पॉलीहाउस, मशरूम स्पॉन यूनिट, औषधीय पौधों का गार्डन, ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती, कोल्ड चैंबर की मरम्मत, बड़े तालाब का निर्माण, फिश-कम-डक फार्मिंग, दाल मिल, मेडिकल प्लांट गार्डन, सिंचाई हेतु पंप यूनिट, छोटे कृषि उपकरणों की व्यवस्था, बकरी पालन और 400 लेयर मुर्गियों की पोल्ट्री यूनिट सहित अलग-अलग गतिविधियों का जायजा लिया. वहीं पांच टन क्षमता वाले निर्माणाधीन कोल्ड स्टोरेज का भी जायजा लिया. 

किसानों के लिए प्रेरणादायक मॉडल बनेगी परियोजना 

तालाब की आउटलेट व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि पूरे वर्ष तालाब में पर्याप्त जल उपलब्ध रहे, इसके लिए स्थायी और मुकम्मल व्यवस्था की जाए. उन्होंने तालाब में पोंड लाइनर इंस्टाल कराने का भी निर्देश दिया. इस दौरान डीसी ने कहा कि पलामू जिले के कृषि परिदृश्य को बदलने के उद्देश्य से इस महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत की गई है. यह फार्म पलामू जिले के कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगा. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह परियोजना महज एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि आधुनिक और बहुआयामी खेती की दिशा में किसानों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल साबित होगी. इससे कम जोत वाले किसानों को भी अपनी आय बढ़ाने और उत्पादन के विविध स्रोत विकसित करने का सुनहरा मौका मिलेगा.

फार्म किसानों के लिए बनेगा लाइव ट्रेनिंग सेंटर

डीसी ने बताया कि इस केंद्र को समेकित कृषि प्रणाली के रूप में विकसित किया जा रहा है.यहां कृषि, बागवानी और पशुपालन को एक साथ जोड़ा गया है. भविष्य में यह जगह किसानों के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में काम करेगा, जहां वे आधुनिक तकनीकों को करीब से देख और सीख सकेंगे. यहां किसान सब्जी उत्पादन, उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती, मशरूम उत्पादन, मछली पालन, बकरी पालन और पोल्ट्री पालन जैसी गतिविधियों का व्यावहारिक ट्रैनिंग ले सकेंगे. इससे जिले में कृषि आधारित रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे. किसानों को कृषि उत्पादों के सुरक्षित भंडारण और उत्पादों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद होगी. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता इस प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा कर किसानों को समर्पित करने की है, जिससे कि जिले के ग्रामीण परिवेश में आर्थिक स्वावलंबन का नया रास्ता खुल सके.

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Published by: Sweta Vaidya

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