राकेश पाठक की रिपोर्ट
पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर नगर निगम क्षेत्र के सुरभि नगर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बरसात में स्थिति नारकीय हो गयी है. जल निकासी के लिए नगर निगम प्रशासन के द्वारा लगभग 50 लाख की लागत से नाला निर्माण कराया जा रहा है. करीब ढाई माह से शुरू हुआ निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है. मुहल्ले वासियों के लिए यह राहत की जगह नयी परेशानी बन गया है. वर्षों से जल जमाव की समस्या झेल रहे 30 घरों के लोग काफी परेशान हैं. चैंबर बनाने के लिए सड़क खोद दिये जाने से आवागमन ठप हो गया है. कई स्थानों पर पैदल चलने के लिए महज एक फीट जगह बची है, जिससे बच्चे, बुजुर्ग और बीमार लोगों को सबसे अधिक कठिनाई हो रही है.बारिश होने पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. ऐसी स्थिति में लोग अपने घरों में कैद रहने को मजबूर हैं.
ठेकेदार पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप
स्थानीय लोगों ने बताया कि जलनिकासी नहीं होने के कारण गर्मी में भी करीब 50 फिट दूरी तक सड़क पर पानी जमा रहता था. 10 लाख रुपये की लागत से दो सोखता बनाये गये थे, लेकिन उससे भी समस्या का समाधान नहीं हुआ. इसके बाद नाला निर्माण की योजना स्वीकृत हुई, मगर निर्माण की धीमी गति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है. सुरभि नगर मोहल्ला के रामप्रवेश सिंह, हेमंत दास, अधिवक्ता राजनंदन ठाकुर, शेखर कुमार, अखिलेश शुक्ला, उदित शुक्ला सहित कई लोगों ने बताया कि ठेकेदार की मनमानी के कारण यह रास्ता अवरुद्ध हो गया है. इस कारण बच्चों को स्कूल भेजना व बीमार व्यक्ति का इलाज कराना कठिन हो गया है. बच्चे, बुजुर्ग व महिलाएं घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. इतना ही नहीं जयनिधि दुबे की माता के निधन पर शव को दाह संस्कार के लिए दूसरे व्यक्ति के आवासीय परिसर से ले जाना पड़ा.
कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग
स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया हैं. उनका आरोप है कि चैंबर निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है. पानी भरे चैंबर में ही ढलाई की जा रही है. लोगों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी या अभियंता ने अब तक निर्माण कार्य का निरीक्षण किया है. इस कारण ठेकेदार का मनोबल बढ़ा हुआ है और घटिया सामग्री का उपयोग कर मनमाने तरीके से काम कर रहा है. इसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है.
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