प्रतिनिधि : मेदिनीनगर रजहरा स्टेशन के पास गुरुवार दोपहर कोयला लदी मालगाड़ी के 15 डिब्बे बेपटरी हो जाने से अप लाइन पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया. इस घटना के बाद यात्री ट्रेनों का संचालन बाधित हो गया और डालटनगंज, गढ़वा रोड, मोहम्मदगंज, हैदरनगर व हुसैनाबाद जैसे प्रमुख स्टेशनों पर सन्नाटा छा गया. रेलवे ने रिवर्स लाइन के माध्यम से मालगाड़ी को अगले दिन अप लाइन पर चलाया, लेकिन यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा. कई एक्सप्रेस ट्रेनों को डायवर्ट किया गया, जबकि पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करना पड़ा. आधी मालगाड़ियां ही चल पायीं रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अप लाइन को ठीक करने में लगभग 38 घंटे लगे. सामान्य दिनों में प्रतिदिन 110 से 120 मालगाड़ियों का संचालन होता है, लेकिन इस हादसे के बाद केवल आधी मालगाड़ियां ही चल पाईं. इससे माल ढुलाई से होने वाली आय में भारी कमी आयी. अनुमान है कि मालगाड़ी से 17 करोड़ की आय हुई, जबकि एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के नहीं चलने से लगभग 10 लाख का नुकसान हुआ. दो दिनों तक आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें रद्द रहीं दो दिनों तक आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें रद्द रहीं. शुक्रवार को ही रेलवे ने 11 ट्रेनों को रद्द कर दिया, जिनमें बरवाडीह–डेहरी ऑन सोन पैसेंजर, चुनार–बरवाडीह पैसेंजर, रांची–सासाराम एक्सप्रेस, रांची–चोपन एक्सप्रेस और बरकाकाना–डेहरी ऑन सोन पैसेंजर शामिल थीं. वहीं, रांची–न्यू दिल्ली गरीब रथ, टाटा–जम्मूतवी एक्सप्रेस, शक्तिपुंज एक्सप्रेस और संतरागाछी–अजमेर साप्ताहिक एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को डायवर्ट किया गया. हालांकि इस दुर्घटना में किसी यात्री या कर्मचारी को चोट नहीं पहुंची, लेकिन रेलवे को राजस्व का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा. अप लाइन बहाल होने के बाद भी मालगाड़ियों का संचालन सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच पाया. इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि एक बड़ी तकनीकी गड़बड़ी से रेलवे के परिचालन और आय पर कितना गहरा असर पड़ सकता है.
दो दिनों में मालगाड़ी से 17 करोड़ व यात्री ट्रेनों से 10 करोड़ का नुकसान का अनुमान
दो दिनों में मालगाड़ी से 17 करोड़ व यात्री ट्रेनों से 10 करोड़ का नुकसान का अनुमान
