पलामू : PHC है,स्वास्थ्यकर्मी हैं, पर रहने को आवास नहीं; किशुनपुर में रात होते ही लाचार हो जाती है स्वास्थ्य सेवा

पलामू के किशुनपुर पीएचसी में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवास नहीं है. जर्जर भवन के कारण मरीजों और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

रामनरेश तिवारी की रिपोर्ट

पाटन(पलामू). जिले के पाटन प्रखंड के किशुनपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवास की सुविधा नहीं होने से उन्हें किराये के मकान में रहना पड़ रहा है. इसका असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है. खासकर रात के समय मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को लेकर जब परिजन रात में स्वास्थ्य केंद्र पहुंचते हैं, तो एएनएम या अन्य स्वास्थ्यकर्मी को बुलाने के लिए उनके किराये के आवास तक जाना पड़ता है. इससे इलाज में भी परेशानी होती है.

पुराना स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन बना खंडहर

पीएचसी परिसर में स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र का पुराना भवन भी इन दिनों पूरी तरह जर्जर हो चुका है. पहले इसी भवन में स्वास्थ्य उपकेंद्र का संचालन होता था और स्वास्थ्यकर्मी भी रहते थे. नया भवन बनने के बाद स्वास्थ्य सेवाएं वहां स्थानांतरित कर दी गयीं. इसके बाद पुराना भवन खाली पड़ा रहा. कुछ समय तक एक स्वास्थ्यकर्मी इसमें रहे, लेकिन देखरेख के अभाव में अब यह भवन खंडहर में बदल गया है.

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विषैले जीव-जंतुओं का खतरा

पुराने भवन की पीछे की दीवार टूटकर गिर चुकी है. अगला हिस्सा भी काफी क्षतिग्रस्त है. छत का अधिकांश प्लास्टर टूटकर गिर चुका है. खिड़की और दरवाजे भी गायब हैं. भवन के अंदर और आसपास झाड़ियां उग आयी हैं, जिससे यहां विषैले जीव-जंतुओं का खतरा बना हुआ है.

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बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित

पीएचसी में इलाज के लिए महिलाओं के साथ छोटे बच्चे भी पहुंचते हैं. अस्पताल के ठीक बगल में जर्जर भवन होने से बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित रहते हैं. खेलते समय बच्चे अनजाने में खंडहर भवन की ओर चले जाते हैं. ऐसे में अभिभावकों को सांप-बिच्छू समेत अन्य विषैले जीवों का डर बना रहता है.

10 वर्ष पहले पीएचसी के लिए नया भवन बना, लेकिन

ग्रामीणों का कहना है कि करीब 10 वर्ष पहले पीएचसी के लिए नया भवन बनाया गया था, लेकिन आज तक स्वास्थ्यकर्मियों के रहने की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है. एएनएम समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी किराये के मकान में रहने को मजबूर हैं. ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से पुराने जर्जर भवन को हटाने या उसे सुरक्षित कराने के साथ स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पीएचसी परिसर में ही आवास की व्यवस्था कराने की मांग की है.

पीएचसी का जर्जर भवन | Prabhat Khabar Network

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