पलामू में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल रामनरेश तिवारी, मेदिनीनगर. पलामू जिले में स्थापित केंद्रीय विद्यालय प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही का दंश झेल रहा है. जुलाई 2019 में स्थापना के करीब सात वर्ष बीत जाने के बावजूद विद्यालय को अब तक अपना भवन नहीं मिल सका है. इसका सीधा असर विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों पर पड़ रहा है. मालूम हो कि पलामू के सांसद वीडी राम के प्रयास से वर्ष 2019 में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना हुई थी. फिलहाल विद्यालय चैनपुर स्थित सदगुरु प्रतापहरि प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में संचालित हो रहा है. स्थायी भवन का निर्माण पोखराहा स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बगल में कराया जा रहा है. वर्ष 2023 में भवन निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जिसे दो वर्षों में पूरा किया जाना था. इस हिसाब से 31 जुलाई 2025 तक कार्य पूर्ण होना चाहिए था. लेकिन समय सीमा बीत जाने के बाद संवेदक ने 31 अक्टूबर 2025 तक का समय लिया. इसके बाद भी फरवरी 2026 समाप्त होने को है और अब तक भवन निर्माण पूरा नहीं हो सका है.भवन नहीं मिलने से विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है.कुल 403 नामांकित बच्चों के अनुसार न तो पर्याप्त कमरे हैं और न ही शौचालय की व्यवस्था. स्थिति यह है कि शिक्षकों को भी बच्चों के शौचालय का उपयोग करना पड़ रहा है. इससे पढ़ाई-लिखाई का माहौल प्रभावित हो रहा है.विद्यालय के प्राचार्य मानिक कुमार ने बताया कि विद्यालय में भवन और शौचालय की भारी कमी है. शिक्षकों को भी काफी परेशानी होती है और वे किराये के मकानों में रहने को विवश हैं. उन्होंने कहा कि जब तक विद्यालय का अपना भवन नहीं मिलेगा, तब तक छात्रों और शिक्षकों को ऐसी ही परेशानियां झेलनी पड़ेगी.
भवन बिना चल रहा केंद्रीय विद्यालय, 403 छात्रों का भविष्य अधर में
पलामू में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
