नावाबाजार (पलामू) : केंद्र सरकार द्वारा लाये गये खान, खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम (एमएमडीआर एक्ट) के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा का जनजागरण अभियान तेज हो गया है. मंगलवार को विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के नावाबाजार प्रखंड मुख्यालय में झामुमो ने नुक्कड़ सभा आयोजित कर प्रतिवाद मार्च निकाला. इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रस्तावित कानून वापस लेने की मांग की.
राज्य के हितों के खिलाफ है प्रस्तावित कानून : झामुमो
कार्यक्रम का नेतृत्व झामुमो नेता अविनाश देव, केंद्रीय समिति सदस्य जुगल किशोर चंद्रवंशी और उपाध्यक्ष असफर रब्बानी ने किया. सभा में नेताओं ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है. यहां के जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों पर झारखंडियों का अधिकार है. प्रस्तावित कानून राज्य के हितों के विरुद्ध है.
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खनिज राजस्व से विकास योजनाओं पर पड़ सकता है असर
नेताओं ने कहा कि खनिज से मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. नेताओं ने मंईयां सम्मान, किशोरी समृद्धि, सावित्रीबाई फुले और गुरुजी क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं पर कानून के संभावित प्रभाव को लेकर लोगों को जागरूक किया. उन्होंने दावा किया कि कानून लागू होने से राज्य को प्रतिवर्ष करीब 14 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है.
बिल वापस होने तक जारी रहेगा आंदोलन : अविनाश देव
अविनाश देव ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा के अधिकार से झारखंडियों को वंचित नहीं होने दिया जायेगा। बिल वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा. कार्यकर्ता गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जागरूक करेंगे.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
मौके पर संगठन सचिव शाहबाज आलम, पलामू युवा मोर्चा के अध्यक्ष सूरज कुमार, क्रीड़ा मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमित बर्मन, संजय सिंह, डॉ उम्मत रसूल, इम्तियाज अंसारी, सत्येंद्र यादव, सुलेमान मियां, राजेंद्र यादव, रविंद्र प्रजापति, राजेंद्र सोनी और अली शेर समेत कई ग्रामीण मौजूद थे.
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