अनियमित बिजली आपूर्ति से आमलोग परेशान, व्यवसाय प्रभावित

पलामू में भीषण गर्मी व अनियमित बिजली आपूर्ति से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोग परेशान हैं. उमस भरी गरमी से लोगों को जीना दूभर हो गया है.

शहरी और ग्रामीण क्षेत्र प्रभावित

आंधी-तूफान के बाद गांवों में कई घंटे बिजली गुल

पलामू को 155 मेगावाट बिजली की जरूरत, लेकिन 108 मेगावाट आपूर्ति हो रही है

बिजली कटौती से व्यवसाय ठप, होटल और रेस्टहाउस में बिजली की मांग बढ़ी।

किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही।

लोड शेडिंग की मजबूरी : स्टेट लोड डिवीजन को केंद्रीय ग्रिड से कम बिजली मिल रही, जिससे समस्या।

शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक ग्रामीण इलाकों में अधिक कटौती

फोटो 23 डालपीएच- 14,15,16,17,18,19

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर

पलामू में भीषण गर्मी व अनियमित बिजली आपूर्ति से शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के लोग परेशान हैं. उमस भरी गरमी से लोगों को जीना दूभर हो गया है. पलामू जिला को औसतन 155 मेगावाट बिजली की जरूरत है, लेकिन 108 मेगावाट बिजली आपूर्ति हो रही है. बिजली विभाग के अनुसार डालटनगंज क्षेत्र में 90 मेगावाट की जरूरत है. जबकि 70 मेगावाट आपूर्ति की जा रही है. वही छतरपुर में 30 मेगावाट की जरूरत आपूर्ति 18 मेगावाट व हुसैनाबाद क्षेत्र में जरूरत 35 मेगावाट की, आपूर्ति मात्र 20 मेगावाट हो रही है. इसके कारण शहरी क्षेत्र में 18 से 20 घंटा बिजली मिल रही है. ग्रामीण क्षेत्र की बात करें तो वहां मात्र 16 घंटा बिजली मिल रही है. आंधी तूफान के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में कई घंटे बिजली गुल हो जाती है. विभागीय कर्मियों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी शाम छह बजे से लेकर रात्रि 11 बजे तक ग्रामीण क्षेत्रों को होती है. क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली की आपूर्ति बंद कर शहरी क्षेत्रों में ज्यादा बिजली देने की कोशिश की जाती है. पहले जब दूसरे राज्यों से बिजली मिलती थी तो बिजली विभाग के कर्मचारियों के द्वारा कहा जाता था कि पलामू बिजली के मामले में दूसरे राज्य पर निर्भर हैं. लेकिन पलामू जिला को नेशनल हटिया ग्रिड से जुड़ने के बाद बहुत हद तक बिजली संकट दूर हो गयी थी. लहलहे नेशनल ग्रिड से पूरे जिले को बिजली आपूर्ति की जाती है, लेकिन खपत के मुताबिक बिजली की आपूर्ति नहीं होने से वितरण में परेशानी हो रही है. लोड शेडिंग करनी मजबूरी है. इधर तापमान बढ़ने से लोग परेशान हैं.

खेती कार्य के लिए किसानों को पर्याप्त बिजली की जरूरत है ताकि वे मोटर पंप के माध्यम से सिंचाई कर सके. बिजली के अनियमित आपूर्ति से किसानों को भी सिंचाई कार्य में परेशानी हो रही है.

आपूर्ति की क्या है प्रक्रिया

जानकारी के अनुसार सेंट्रल लोड डिवीजन से स्टेट लोड डिवीजन को बिजली दी जाती है. स्टेट लोड डिवीजन सभी सब स्टेशनों को बिजली सप्लाई करता है. जब सेंट्रल लोड डिवीजन से स्टेशन को बिजली कम दी जाती है. उसका असर बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ता है.

आम लोगों को एक तो बिजली नहीं मिल पा रही है. वही व्यवसायी भी इससे काफी परेशान है. व्यवसायियों का कहना है कि गर्मी के दिनों में व्यवसाय प्रभावित हो गया है. इसके लिए बिजली विभाग को ध्यान देना चाहिये. गर्मी के दिनों में लोगों के द्वारा फ्रिज, कूलर, एसी चलने से ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ा है. पलामू का तापमान प्रतिदिन 42 डिग्री से अधिक रहता है. जिसके कारण लोग गर्मी झेलने को बेबस हैं. ट्रांसफार्मर में आग लगने के बाद स्थानीय लोगों के द्वारा आग बुझाने का काम किया जा रहा है. हालांकि इससे आसपास के घरों में भी आग फैलने का खतरा बन गया है. बार-बार आग लगने के कारण बिजली विभाग के कर्मचारियों के द्वारा भी प्रभावित इलाकों की बिजली ठीक कर दिया जाता है. लेकिन बिजली कटने की समस्या ज्यो की त्यों बनी हुई है.

कई होटल व रेस्टहाउस खुलने से बढ़ी है समस्या

मुख्य शहर के बाजार क्षेत्र में पहले से ज्यादा होटल और रेस्टहाउस खुल गये है. एसी और कूलर की भरमार है. बिजली की खपत पहले से ज्यादा बढ़ गयी है.स्थानीय लोगो के अनुसार इस बार के गर्मी में बिजली ज्यादा परेशान कर रही है.

क्या कहते है लोग

शहर के शास्त्री मुहल्ला के महेश तिवारी ने बताया कि इस बार की गर्मी जहां एक ओर सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है. बिजली की आपूर्ति कम होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है. डालटनगंज चेंबर अॉफ कॉमर्स के अध्यक्ष विनोद उदयपुरी ने बताया कि बिजली की आपूर्ति नियमित नहीं होने से व्यवसाय प्रभावित हो रहा है और लोग गर्मी से परेशान रह रहे हैं. अधिवक्ता विनोद सोनी ने बताया कि गरमी में बिजली की अनियमित आपूर्ति से कई तरह की परेशानी हो रही है. सभी वर्ग के लोग परेशान हैं. शिक्षिका योगमाया तिवारी ने बताया कि एक तो भीषण गरमी और दूसरी ओर बिजली की आंखमिचौनी से कामकाज करना मुश्किल हो गया है. बच्चों का पढ़ाई भी बाधित हो रहा है. यशवंत सिंह व कृष्ण गोपाल शर्मा का कहना है कि विभाग की लापरवाही के कारण परेशानी बढ़ी है. जर्जर तार को बदलने और खपत के मुताबिक बिजली की आपूर्ति करने में विभाग उदासीन है.

लोड बढ़ने से हो रही है परेशानी : अधीक्षण अभियंता

बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता संतोष कुमार ने कहा कि गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ी हुई है. लोड बढ़ने के कारण बिजली कटने की समस्या हो रही है. उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में 17 से 18 घंटा बिजली दी जा रही है. 5 से छह घंटा लोड शेडिंग की जा रही है

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: VIKASH NATH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >