इप्टा ने पोस्टर प्रदर्शनी लगा सफदर हाशमी के विचारों को दर्शाया

भारतीय जन नाट्य संघ की पलामू इकाई के द्वारा सफदर हाशमी व राम बहादुर का शहादत सप्ताह मनाया जा रहा है.

मेदिनीनगर. भारतीय जन नाट्य संघ की पलामू इकाई के द्वारा सफदर हाशमी व राम बहादुर का शहादत सप्ताह मनाया जा रहा है. एक जनवरी को इप्टा कार्यालय में संकल्प सभा हुई थी. शहादत सप्ताह के दूसरे दिन गुरुवार को इप्टा ने कचहरी परिसर में पोस्टर प्रदर्शनी लगायी. इप्टा से जुड़े सदस्य अपने हाथों में पोस्टर लेकर खड़े दिखे. उस पर सफदर हाशमी के विचार अंकित थे. कार्यक्रम का नेतृत्व इप्टा के अध्यक्ष प्रेम भसीन कर रहे थे. पोस्टर प्रदर्शनी के दौरान इप्टा के कलाकारों ने एकता, समानता, शांति के लिए एवं झूठ से टक्कर लेने को सच्चाई जोश में आयी है…गीत प्रस्तुत किया. कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रेम प्रकाश ने सफदर हाशमी एवं राम बहादुर की शहादत की चर्चा की. उन्होंने कहा कि सफदर हाशमी बहु आयामी प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे. वे शिक्षा, संस्कृति, कला एवं मजदूर किसानों के सशक्त आवाज थे. सांप्रदायिक दंगे की पड़ताल करते हुए सफदर हाशमी ने नाटक हत्यारे में लिखा है कि मौत फिर मौत है, आगाज से अंजाम तलक, मौत ना हिंदू होती है ना मुसलमान. मौके पर शब्बीर अहमद, उपेंद्र कुमार मिश्रा, शिव शंकर प्रसाद, कुलदीप राम, अच्छे लाल प्रजापति, वैभव राज, राजीव रंजन, शशि पांडेय, अजीत कुमार, संजीव कुमार संजू, उपेंद्र तिवारी सहित कई लोग मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >