अप्रैल माह में लक्ष्य 18.22 के विरुद्ध 19.16 करोड़ की वसूली

अप्रैल माह में लक्ष्य 18.22 के विरुद्ध 19.16 करोड़ की वसूली

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर

पलामू जिले के उत्पाद विभाग की गतिविधियों और उपलब्धियों को देखते हुए यह स्पष्ट होता है कि विभाग राजस्व वसूली के साथ-साथ अवैध शराब पर नियंत्रण के लिए भी सक्रिय है. वित्तीय वर्ष 25-26 में विभाग को 167 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य दिया गया था, जबकि 26-27 के लिए यह लक्ष्य बढ़ाकर 202 करोड़ रुपये कर दिया गया है. अप्रैल माह में 18 करोड़ 22 लाख रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध विभाग ने 19 करोड़ 16 लाख रुपये की वसूली की है. यह लक्ष्य का 105 प्रतिशत है, जो विभाग की दक्षता को दर्शाता है.

25 तारीख को राशि जमा करनी होती है

विभाग की कार्यप्रणाली के अनुसार प्रत्येक माह की पहली तारीख से लेकर 24 तारीख तक लाइसेंसी दुकानदारों द्वारा शराब का उठाव किया जाता है और 25 तारीख को राशि जमा करनी होती है. उत्पाद अधिक्षक सुजीत कुमार ने बताया कि जो भी लाइसेंसी दुकानदार प्रत्येक महीने के 25 तारीख को राशि जमा नहीं करते हैं. उन्हें प्रतिदिन एक प्रतिशत के हिसाब से एक्साइज ट्रांसपोर्ट ड्यूटी के रूप में जुर्माना भरना पड़ता है. यह जुर्माना उनके अकाउंट से ऑटोमेटिक काट लिया जाता है. . अवैध शराब पर रोक लगाने के लिए विभाग ने अप्रैल और मई माह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छापामारी की. इस दौरान 1072 लीटर महुआ शराब, 477 लीटर देसी शराब और 6338 लीटर विदेशी शराब बरामद की गयी. साथ ही 10,770 किलो जावा महुआ नष्ट किया गया. इन कार्रवाइयों के दौरान 53 प्राथमिकी दर्ज की गयी और 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया.

जिले में केवल दो बार लाइसेंस हैं

लाइसेंस व्यवस्था की बात करें तो जिले में केवल दो बार लाइसेंस हैं-एक छतरपुर में और दूसरा हरिहरगंज में. इसके अलावा 1 सितंबर 25 से लॉटरी प्रणाली के माध्यम से 70 शराब दुकानें खोली गयी हैं. इनमें सात देसी और 63 कंपोजिट दुकानें शामिल हैं. पहले विदेशी, देसी और कंपोजिट तीन प्रकार की दुकानें खोली जाती थीं, लेकिन अब केवल देसी और कंपोजिट दुकानें ही आवंटित की जा रही हैं.

लाइसेंसधारियों को चार साल सात महीने के लिए दुकान दी जाती है

लॉटरी से दुकान पानेवाले लाइसेंसधारियों को चार साल सात महीने के लिए दुकान दी जाती है. प्रारंभिक तौर पर सात माह के लिए लाइसेंस दिया गया है और अप्रैल माह में इसे एक वर्ष के लिए रिन्यू किया गया है. प्रतिवर्ष रिनीयुवल के समय शुल्क में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है. लाइसेंसधारी अपने नाम से मिली दुकान को किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित नहीं कर सकते. दुकानों का संचालन सुबह 10 बजे से रात 11 बजे तक ही किया जा सकता है. सभी दुकानों पर यह बोर्ड लगाना अनिवार्य है कि 21 वर्ष से कम आयु के युवक-युवतियां न तो शराब खरीद सकते हैं और न ही बेच सकते हैं. यह प्रावधान युवाओं को शराब सेवन से दूर रखने के उद्देश्य से किया गया है.

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Author: Akarsh Aniket

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