स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख निदेशक ने एमएमसीएच का विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया,कहा

राज्य स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख निदेशक डॉ सिद्धार्थ सन्याल ने मंगलवार को मेदिनीराय मेडिकल कालेज अस्पताल के ओपीडी कॉम्पलेक्स में एक्सरे मशीन का उदघाटन किया.

अस्पताल प्रबंधन व्यवस्था में सुधार लाये भोजनालय कक्ष में जाकर देखा, जन औषधि में आवश्यक दवा रखने का दिया निर्देश मरीजों को रजिस्ट्रेशन के लिए कंप्युटर सिस्टम लागू करें, मैनुअल से नही चलेगा काम मेंटेनस का अभाव दिख रहा है. राशि की जरूरत है, तो सरकार को पत्राचार करें, राशि भेजी जायेगी फोटो 25 डालपीएच 18,19 प्रतिनिधि, मेदिनीनगर राज्य स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख निदेशक डॉ सिद्धार्थ सन्याल ने मंगलवार को मेदिनीराय मेडिकल कालेज अस्पताल के ओपीडी कॉम्पलेक्स में एक्सरे मशीन का उदघाटन किया. डॉ सन्याल ने कहा कि मेडिकल कालेज अस्पताल में राज्य सरकार मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध करा रही है, ताकि मरीजों को परेशानी नहीं हो. उन्होंने कहा कि एक अतिरिक्त एक्सरे मशीन लगाने की जरूरत है. इसके बाद प्रमुख निदेशक डॉ सन्याल ने मेडिकल कालेज अस्पताल के सभी विभागों का निरीक्षण किया. इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से मिलकर स्वास्थ्य सुविधा के बारे में जानकारी ली. उन्होंने ओपीडी में भर्ती होनेवाले मरीजों के रजिस्ट्रेशन के बारे में पूछा. बताया गया कि रजिस्टर में मेंटेंन किया जाता है. उन्होंने कहा कि पुरानी पद्धति पर व्यवस्था संचालित है. डॉ सन्याल ने कहा कि भर्ती होनेवाले मरीजों का कंपयूटर में रजिस्ट्रेशन करें. इसके लिए कर्मियों को 15 दिनों का ट्रेनिंग दें, उन्होंने प्रसूति एवं स्त्री रोग महिला ओपीडी, चाइल्ड ओपीडी, आयुष्यमान ,मातृ एवं शिशु यूनिट, सीटी स्कैन, एक्सरे सहित अन्य विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया. इसके अलावा मेडिसीन स्टोर का जायजा लिया. दवा के उपलब्धता के बारे में जानकारी ली. अस्पताल के भोजनालय कक्ष में जाकर जायजा लिया. उन्होंने सिविल सर्जन से कहा कि आपने कभी यहां का भोजन चखा है. राज्य सरकार द्वारा अस्पताल के रिमॉडलिंग के लिए 75 लाख रुपया राशि आवंटित की गयी है. इसके बाद भी मेंटेनस का अभाव दिख रहा है. उन्होंने सीएस को कहा कि अगर राशि का काम है तो सरकार को पत्राचार करें, राशि भेजी जायेगी. मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रयास कर रही है.लेकिन संसाधन के अभाव में इलाज नहीं होता है. इसके लिए सिविल सर्जन व अस्पताल अधीक्षक जिम्मेवार होंगे. मेडिकल अस्पताल में एक मैनेजर के भरोसे संचालित हो रहा है. बेहतर उम्मीद कैसे किया जा सकता है. उन्होंने चिकित्सकों को सलाह दिया कि इको मशीन खरीदें और मरीजों का जांच करें. इसके लिए आयुष्यमान से एक मरीज पर चार सौ रुपये का भुगतान किया जाता है. ऑक्सीजन प्लांट शुरू नहीं होने से मरीजों को परेशानी हो रही है. इस पर उन्होंने कहा कि प्लांट शुरू करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है. एमएमसीएच मे आइसीयू उपलब्ध नही रहने पर कहा कि इस मामले में 10 बेड के लिए राज्य सरकर द्वारा व्यवस्था की जायेगी. सीटी स्केन में विशेषज्ञ नहीं रहने पर संचालित नहीं हो रहा है. इस मामले में डॉ सन्याल ने कहा कि जल्द ही उपलब्ध करा दिया जायेगा. मौके पर पलामू सिविल सर्जन डॉ अनिल श्रीवास्तव, प्रभारी अस्पताल अधीक्षक डॉ सुशील पांडेय, उपाधीक्षक डॉ आरके रंजन, अस्पताल मैनेजर सुमित श्रीवास्तव सहित कई कर्मी मौजूद थे.

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Author: VIKASH NATH

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