पलामू. जिले के पाटन प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार की शाम से हो रही बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है. रविवार से बारिश की रफ्तार और तेज हो गयी है. लगातार बारिश के कारण प्रखंड के विभिन्न गांवों में कई कच्चे-पक्के मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है. सोमवार की मध्यरात्रि बरडीहा गांव में एक मकान गिर गया. मलबे में दब कर तीन बकरियों की मौत हो गयी. तीन गाय गंभीर रूप से घायल हो गयी.
हालांकि, घर के सभी सदस्य बाल-बाल बच गये. जानकारी के अनुसार, बरडीहा गांव निवासी रघुनी साव के घर का वह हिस्सा गिर गया, जिसमें मवेशियों को बांधा जाता था. घटना के समय परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद सो गये थे. रघुनी साव की पत्नी चंचला देवी ने बताया कि देर रात तेज आवाज सुनायी दी. आवाज सुन कर परिवार के लोग उठे. उन्होंने देखा कि मवेशियों को बांधने वाला कमरा ढह चुका था. उसके अंदर बंधे मवेशी और बकरियां मलबे में दब गये थे.
मलबा हटा कर पशुओं को बाहर निकाला
परिजनों और आसपास के लोगों ने किसी तरह मलबा हटा कर पशुओं को बाहर निकाला, लेकिन तब तक तीन बकरियों की मौत हो चुकी थी. तीन गाय गंभीर रूप से घायल हो गयी. घटना में करीब डेढ़ लाख रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है. इस अनुमान में गिरे हुए मलबे में नष्ट हुए पशुओं की कीमत, घर के ढहे हुए हिस्से में लगे ईंट, सीमेंट, बल्ली और अन्य निर्माण सामग्री की लागत शामिल है. मकान का एक हिस्सा गिरने से परिवार के सामने रहने की समस्या भी उत्पन्न हो गयी है. अब परिवार को रात गुजारने के लिए किसी सुरक्षित ठिकाने की तलाश करनी पड़ रही है. इसी तरह की घटनाओं में, चेतमा गांव में भी धनंजय उपाध्याय का मकान बारिश के कारण गिर गया.
घटना की सूचना मिलने पर किशुनपुर पूर्वी पंचायत के पंचायत समिति सदस्य संतोष उपाध्याय उर्फ राजू ने स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने कहा कि रघुनी साव गरीब परिवार से हैं. उन्होंने उपायुक्त से आपदा प्रबंधन के तहत पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है.
