Palamu: भीषण गर्मी और तीखी धूप के बीच बूंद-बूंद पानी को तरस रहे कोनवाई गांव के ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को सड़क पर फूट पड़ा. गांव में व्याप्त गंभीर पेयजल संकट से नाराज ग्रामीणों ने कोनवाई बस स्टैंड के समीप पांकी-मेदिनीनगर मुख्य पथ को पूरी तरह जाम कर दिया. ग्रामीण सड़क पर ही धरने पर बैठ गये, जिससे करीब छह घंटे तक इस मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप रहा. सड़क के दोनों ओर वाहनों की करीब दो किलोमीटर लंबी कतार लग गयी. बस, ट्रक और निजी वाहनों में सवार यात्री भीषण गर्मी में फंसे रहे.
शोपीस बनीं नल-जल योजनाएं, खाली बर्तन लेकर बैठीं महिलाएं
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों रुपये खर्च किये गये हैं. इसके बावजूद धरातल पर स्थिति शून्य है. जलमीनार और नल-जल योजनाएं सिर्फ शोपीस बनकर रह गयी हैं. सरकारी दावों के विपरीत ग्रामीणों को एक बूंद पानी तक नसीब नहीं हो रहा है. मजबूरन ग्रामीणों को इस चिलचिलाती धूप में आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा. आक्रोशित महिला और पुरुष अपने घरों से खाली बाल्टी, डेग और अन्य बर्तन लेकर सड़क के बीचों-बीच बैठ गये हैं. प्रदर्शनकारी जिला प्रशासन और पीएचईडी विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं.
ठोस आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
जाम स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं आते और पेयजल आपूर्ति बहाल करने का कोई ठोस लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका यह आंदोलन और चक्का जाम जारी रहेगा. दूसरी ओर, अचानक हुए इस रोड जाम के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और मरीजों को ले जा रहे वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. काफी देर तक मौके पर किसी प्रशासनिक अधिकारी या स्थानीय जनप्रतिनिधि के नहीं पहुंचने से जाम की स्थिति बनी रही. करीब 6 घंटे बाद जाम हटा.
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