पांकी. एसआइआर प्रक्रिया की अंतिम तिथि नजदीक आते ही स्थानीय प्रमाण पत्र और जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए प्रखंड कार्यालय में लोगों की भीड़ बढ़ गयी है. महज दो दिन का समय शेष है. वहीं प्रखंड की 25 पंचायत और 10 हल्का का पूरा काम सिर्फ दो कर्मचारियों अनिल कुमार रजक और मोहम्मद खुर्शीद आलम के भरोसे है. कार्यालय में प्रतिदिन 2,000 से अधिक आवेदन आ रहे हैं. इससे व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. समय-सीमा खत्म होने के डर से सुबह से शाम छह बजे तक कार्यालय में अफरा-तफरी रहती है. लंबी कतार में खड़े लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हैं.
आवेदक आवेदन फॉर्म से ही हवा करते नजर आते हैं. लोगों ने बताया कि नाम में त्रुटि होने पर अलग-अलग अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा रहे हैं. इन्हें जुटाने में परेशानी हो रही है. आवेदन देने के बाद भी प्रमाण पत्र मिलने में कई दिन लग रहे हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान कराने की मांग की है. लोगों ने अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती और कैंप लगाकर पात्र लोगों को समय पर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की मांग की है.
कार्यालय के चक्कर लगाकर परेशान हैं लोग
डंडार के राहुल कुमार 10 दिनों से, पांकी पूर्वी की अंजली कुमारी पांच दिनों से और खेलहवा के अब्दुल मतिम तीन दिनों से स्थानीय प्रमाण पत्र के लिए कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं. ज्योति गुप्ता और अशोक कुमार छह दिनों से परेशान हैं. उन्हें 16 तारीख को रिपोर्टिंग करनी है. शहीद अंसारी ने बताया कि परिवार के छह से अधिक सदस्यों के दस्तावेज जुटाने में परेशानी हो रही है.
एसआइआर को लेकर जनता परेशान : जिप सदस्य
पांकी मध्य जिला परिषद सदस्य खुशबू कुमारी ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि जनता के काम में जुटे हैं, लेकिन स्थानीय प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों के समय पर उपलब्ध नहीं रहने से लोगों को एक सप्ताह तक कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि भीड़ के बीच सीआइ के हस्ताक्षर की जरूरत थी, लेकिन सीआइ कार्यालय में नहीं दिखे. पांकी सीआइ उपेंद्र कुमार ने कहा कि एक-दो घंटे के लिए कहीं जाने पर कोई रोक नहीं है. उनके खिलाफ लगाये गये आरोप गलत हैं.
