पलामू टीम पलामू जिले में पेयजल संकट ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है. झारखंड सरकार के सख्त निर्देशों के बावजूद प्रखंड सह अंचल कार्यालयों में पानी की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है. चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी में अपने काम से आने वाले बुजुर्गों, महिलाओं और किसानों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है. मजबूरी में लोग दुकानों से महंगा पानी खरीद रहे हैं. आम जनता ही नहीं, कार्यालयों के कर्मचारी भी इस संकट से परेशान हैं, जबकि स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है.
हरिहरगंज में प्रखंड, अंचल और थाना परिसर की वाटर कूलर मशीनें महीनों से खराब हैं. ग्रामीण दुकानों से पानी खरीदने को मजबूर हैं. सार्वजनिक चौकों पर प्याऊ नहीं है, हालांकि नगर पंचायत कार्यालय में वाटर कूलर चालू है.
हुसैनाबाद में वाटर कूलर खराब है. थाना प्रभारी निजी कोष से पानी का जार खरीद रहे हैं. नगर पंचायत ने चौराहों पर प्याऊ नहीं लगाया है. राहगीर और स्टेशन यात्री बोतल खरीदकर प्यास बुझा रहे हैं.ऊंटारी रोड प्रखंड कार्यालय का आरओ फिल्टर हमेशा खराब रहता है. जनता हैंडपंप या निजी व्यवस्था पर निर्भर है. राहत की बात यह है कि थाना परिसर में प्याऊ शुरू किया गया है.
