4.8 करोड़ का डीपीआर तैयार
मेदिनीनगर. नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय आधुनिक डिजिटल ज्ञान का केंद्र बनेगा. इसके लिए 4.8 करोड़ का डीपीआर तैयार किया गया है. नयी शिक्षा नीति के अनुरूप पुस्तक का संग्रह किया जायेगा. वीसी डा दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि केंद्रीय पुस्तकालय विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व शोध गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है. बदलते समय, सूचना क्रांति व तकनीकी विकास के साथ केंद्रीय पुस्तकालय की भूमिका केवल पुस्तकों के संग्रह तक सीमित नहीं है. बल्कि एक व्यापक ज्ञान-केंद्र के रूप में निरंतर विस्तृत हो रही है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने केंद्रीय पुस्तकालय के भविष्य को लेकर एक सशक्त व आधुनिक कार्य योजना तैयार की गयी है. कहा कि आने वाले समय में केंद्रीय पुस्तकालय को और अधिक सुदृढ़, डिजिटल व ई-लाइब्रेरी स्वरूप में विकसित करने की योजना है. इसके तहत ई-बुक्स, ई-जर्नल्स, ऑनलाइन डेटाबेस, शोध पत्रों व शोधार्थियों की थीसिस का व्यापक डिजिटल संग्रह विकसित किया जायेगा. जिससे छात्र व शोधार्थी कहीं से भी अध्ययन व शोध कार्य कर सकेंगे. इससे न केवल अध्ययन की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि शोध की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार होगा. पुस्तकालय सेवाओं को अधिक प्रभावी व सुगम बनाने के उद्देश्य से लाइब्रेरी ऑटोमेशन व आरएफआइडी तकनीक के उपयोग की भी योजना है. रीडिंग हॉल का विस्तार, उच्च गति इंटरनेट, वाई-फाई सुविधा, दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष संसाधन व प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित अद्यतन अध्ययन सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रावधान शामिल है.
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