अतिक्रमण हटाकर पारंपरिक जलस्रोतों का संरक्षण करे प्रशासन

अतिक्रमण हटाकर पारंपरिक जलस्रोतों का संरक्षण करे प्रशासन

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर

वरिष्ठ नागरिक मंच ने पलामू डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत को ज्ञापन सौंपकर पर्यावरण और जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की है. मंच के राकेश सिंह उर्फ मंगल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मेदिनीनगर शहरी क्षेत्र के परंपरागत जलस्रोत-तालाब, आहर और कुआं-लगातार अतिक्रमण का शिकार हो रहे हैं. इसके कारण भूगर्भीय जल स्तर गिरता जा रहा है और हर साल गर्मी में पेयजल संकट गहराता है. ज्ञापन में कहा गया कि आबादगंज का चीनगिया आहर, निजी बस स्टैंड के पास बड़ा तालाब, हमीदगंज स्थित सूर्य मंदिर के समीप तालाब, रोटरी स्कूल के पीछे का तालाब, शाहपुर तालाब, चैनपुर और पनेरी बाँध तालाब सभी अतिक्रमण और गंदगी से प्रभावित हैं. पहले नगर निगम क्षेत्र में 25 सरकारी कुआं थे, अब केवल पाँच ही दिखाई देते हैं. कई कुआं पूरी तरह गायब हो चुके हैं. मंच ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाये गये, तो आने वाले वर्षों में जल संकट और गंभीर हो जायेगा. उन्होंने प्रशासन से अपील की कि अतिक्रमण हटाकर पारंपरिक जलस्रोतों का संरक्षण किया जाये, ताकि शहरवासियों को भविष्य में पानी की समस्या से राहत मिल सके.

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Author: Akarsh Aniket

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