एक सितंबर से लॉटरी के माध्यम से खुलेगी 70 शराब की दुकान

पलामू जिले में एक सितंबर 2025 से 70 शराब दुकानों की नयी बंदोबस्ती की जायेगी, जो पूरी तरह लॉटरी प्रणाली के माध्यम से होगी.

लॉटरी का न्यूनतम टिकट पांच लाख व अधिकतम 25 लाख आठ अगस्त से 20 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन पलामू जिले से सात माह में 112 करोड़ राजस्व वसूली का लक्ष्य लाइसेंस दूसरे व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता है मेदिनीनगर. पलाम जिले में एक सितंबर 2025 से 70 शराब दुकानों की नयी बंदोबस्ती की जायेगी, जो पूरी तरह लॉटरी प्रणाली के माध्यम से होगी. इनमें 7 देसी और 63 कंपोजिट शराब दुकानें शामिल हैं. पहले विदेशी, देशी और कंपोजिट तीन प्रकार की दुकानें खोली जाती थीं, लेकिन इस बार केवल दो श्रेणियों में दुकानें दी जा रही हैं. इन दुकानों को 28 समूहों में बांटा गया है. लाइसेंस की अवधि 1 सितंबर 2025 से 31 मार्च 2030 तक होगी। इच्छुक व्यक्ति 8 अगस्त सुबह 11 बजे से 20 अगस्त शाम 7 बजे तक एचटीटीपीएस ऑब्लिक एक्साइज लॉटरी डॉट झारखंड डाट इन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. लॉटरी का परिणाम जिला एनआईसी वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा. सफल आवेदकों को 25 अगस्त तक सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्व-अभिप्रमाणित प्रतियां जिला उत्पाद कार्यालय में जमा करनी होंगी. लॉटरी के लिए एक टिकट की कीमत न्यूनतम 5 लाख और अधिकतम 25 लाख तय की गयी है. जिन आवेदकों को दुकान नहीं मिलती, उन्हें आवेदन शुल्क और जीएसटी काटकर शेष राशि वापस कर दी जायेगी. जिन व्यक्तियों को दुकान मिलेगी, उन्हें चार साल सात महीने के लिए लाइसेंस दिया जायेगा, लेकिन इसका प्रतिवर्ष नवीनीकरण कराना अनिवार्य होगा. हर रिनियूवल पर 10% शुल्क की बढ़ोतरी की जायेगी. दुकान का लाइसेंस जिस व्यक्ति के नाम पर होगा, वह उसे किसी अन्य को नहीं दे सकता है, केवल पारिवारिक सदस्य को संचालन का अधिकार दिया जा सकता है, अन्य रिश्तेदार या बाहरी व्यक्ति को नहीं. सब-लेटिंग की अनुमति नहीं होगी. लाइसेंसधारी को 12% का रिटेल मार्जिन मिलेगा. सरकार ने पलामू जिले से सात माह में 112 करोड़ राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा है. शराब दुकानें सुबह 10 बजे से रात 11 बजे तक खुली रहेंगी। हालांकि, होली, मुहर्रम, रामनवमी, 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्तूबर को दुकानें बंद रहेंगी. महिला के नाम पर लाइसेंस लिया जा सकता है, लेकिन बेचने का कार्य नहीं कर सकती महिला के नाम पर दुकान का लाइसेंस लिया जा सकता है, लेकिन महिला कर्मचारी शराब बेचने का कार्य नहीं कर सकतीं, वर्तमान में जिले में लगभग 43 शराब दुकानें संचालित हैं. उत्पाद अधीक्षक संजीत कुमार देव ने इन सभी नियमों की जानकारी दी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >