पलामू नगर निकाय चुनाव में भाजपा, कांग्रेस व जेएमएम की प्रतिष्ठा दांव पर, परिणाम के इंतजार

पलामू नगर निकाय चुनाव में भाजपा, कांग्रेस व जेएमएम की प्रतिष्ठा दांव पर, परिणाम के इंतजार

वरीय संवाददाता, मेदिनीनगर पलामू में पांच नगर निकायों में चुनाव की प्रक्रिया के तहत 23 फरवरी को मतदान संपन्न हुआ. 27 फरवरी को मतगणना होगी. जिला प्रशासन ने जीएलए कॉलेज परिसर में मतगणना स्थल बनाया है. इसकी तैयारी अंतिम चरण में है. कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना की प्रक्रिया पूरी होगी. जिले के मेदिनीनगर नगर निगम, विश्रामपुर नगर परिषद, हुसैनाबाद, छतरपुर व हरिहरगंज नगर पंचायत में राजनीतिक दलों ने अधयक्ष पद के लिए प्रत्याशियों को समर्थन दिया है. इस बार दलीय आधार पर नगर निकाय का चुनाव नहीं होने के बावजूद भाजपा, कांग्रेस, झामुमो ने चुनाव मैदान में समर्थित उम्मीदवार को उतारा. समर्थित प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पूरी ताकत लगा दी है. भाजपा ने मेदिनीनगर नगर निगम में मेयर पद के समर्थित प्रत्याशी अरुणा शंकर को जीत दिलाने के लिए हाइटेक तरीके से प्रचार अभियान चलाया. चुनाव कैंपेनिंग में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, बिहार के मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास,झारखंड प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, राज्य के पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, भानु प्रताप शाही के अलावा पलामू के सांसद वीडी राम, विधायक आलोक चौरसिया, डॉ शशिभूषण मेहता,भाजपा के प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह सहित प्रदेश के कई नेताओं ने पलामू में कैंप कर पार्टी समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में खुलकर प्रचार किया. राजनीतिक समीकरण को बदलने के लिए भी पार्टी के नेताओं के द्वारा रणनीति के तहत काम किया गया. पार्टी समर्थित प्रत्याशी को चुनाव में जीत दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया गया. पूर्व राज्यपाल रघुवर दास के प्रयास से भाजपा से जुड़े दो मेयर प्रत्याशियों को अरुणा शंकर के पक्ष में समर्थन दिलाया. तमाम राजनीतिक पैतरे बाजी के साथ भाजपा ने अपने समर्थित प्रत्याशी को हरहाल में जीत दिलाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी. चुनाव प्रचार के अंतिम दिन 21 फरवरी को वॉलीबुड के फिल्म अभिनेत्री सह राज्य सभा सदस्य जयाप्रदा ने मेदिनीनगर में रोड शो व सभा किया. इस दौरान उन्होंने भाजपा समर्थित मेयर प्रत्याशी अरुणा शंकर के पक्ष में मतदान करने के लिए जनता से अपील की थी.इस तरह भाजपा ने छोटे से नगर निकाय के चुनाव को हाइटेक बना दिया. जिस तरह लोकसभा व विधानसभा के चुनाव में भाजपा अपने प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए रणनीति के तहत काम करती है. ठीक उसी तरह नगर निकाय के चुनाव में भाजपा की रणनीति व प्रचार अभियान देखने को मिला.निकाय चुनाव प्रचार के दौरान कई जगहों पर बड़े नेताओं की नुकड्ड सभा भी की गयी. प्रचार कार्य के सभी तरीके खुलकर अपनाये गये.इसमें मुख्य भूमिका चेंबर अध्यक्ष आनंद शंकर की रही. उनके द्वारा चुनाव की पूरी रणनीति तैयार की गयी. जिस पर चुनाव प्रबंधन ने काम किया. इधर कांग्रेस समर्थित मेयर प्रत्याशी नम्रता त्रिपाठी के पक्ष में स्थानीय स्तर के पार्टी कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रचार में सक्रियता दिखायी. हालांकि नम्रता त्रिपाठी के पिता पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी स्वयं चुनाव प्रचार का कमान संभाल रखी थी. चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी के किसी केंद्रीय नेताओं ने हिस्सा नही लिया.इसी तरह झामुमो समर्थित मेयर प्रत्याशी पूनम सिंह के चुनाव प्रचार में पार्टी के किसी नेता ने भाग नही लिया. जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद सिन्हा ने चुनाव प्रचार का कमान संभाला. पार्टी के कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रबंधन से लेकर प्रचार कार्य की जिम्मेवारी निभायी.हालांकि चुनाव कैंपेनिंग में नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह,पूर्व उपाध्यक्ष मनोज सिंह सहित कई प्रमुख चेहरे सक्रिय थे.जेकेएलएम ने किन्नर समाज के प्रमुख आयशा सिंह को मेयर प्रत्याशी के रूप में समर्थन दिया.स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं ने चुनाव प्रचार किया. प्रत्याशी आयशा सिंह स्वयं प्रचार की कमान संभाल रखी थी. 23 फरवरी को मतदान की प्रक्रिया पूरी हुयी. अब 27 फरवरी को मतगणना होना है. पलामू के नगर निकाय चुनाव में भाजपा, कांग्रेस , जेएमएम की प्रतिष्ठा दाव पर लगी है. 27 फरवरी को मतगणना का परिणाम घोषित होने के बाद इस चुनाव से पलामू के विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दिशा तय होगी.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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