यात्रीगण कृपया ध्यान दें! डालटनगंज स्टेशन से गुजरने वाली 14 ट्रेनें रद्द, 16 ट्रेनों का बदला गया रूट

Train Cancelled: पलामू के डालटनगंज रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली 14 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है, जबकि 16 ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया है. सोन नगर-पतरातू रेलखंड में थर्ड लाइन और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के कारण यह व्यवस्था लागू की गयी है, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

पलामू से चंद्रशेखर सिंह की रिपोर्ट

Train Cancelled: पलामू जिले के डालटनगंज रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली 14 ट्रेनों को रेलवे ने अस्थायी रूप से रद्द कर दिया है, जबकि 16 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है. इनमें 12 पैसेंजर और दो एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं. रेलवे द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार विभिन्न तिथियों में अलग-अलग ट्रेनों का परिचालन स्थगित किया गया है. इस निर्णय का असर हजारों यात्रियों पर पड़ने लगा है, जिन्हें अब वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है.

अलग-अलग अवधि के लिए रद्द की गयीं पैसेंजर ट्रेनें

रेलवे की ओर से जारी जानकारी के अनुसार 22 से 27 जून तक पांच पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया गया है. वहीं 23 से 28 जून तक चार पैसेंजर ट्रेनें नहीं चलेंगी. इसके अलावा 23 से 29 जून तक एक पैसेंजर ट्रेन, 23 से 30 जून तक एक अन्य पैसेंजर ट्रेन तथा 23 जून से एक जुलाई तक एक पैसेंजर ट्रेन का परिचालन स्थगित किया गया है. इसके अतिरिक्त रांची-सासाराम इंटरसिटी एक्सप्रेस तथा सासाराम-रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस को भी 23 जून से 27 जून तक रद्द कर दिया गया है. यात्रियों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि रेलवे का टाइम टेबल बदलते ही लोगों की पूरी दिनचर्या भी पटरी से उतर जाती है.

थर्ड लाइन निर्माण और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य बना वजह

रेलवे अधिकारियों के अनुसार सोन नगर से पतरातू रेलवे स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है. अधिकांश हिस्सों में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन छिपादोहर और मंगरा रेलवे स्टेशन के बीच थर्ड लाइन को मुख्य लाइन से जोड़ने का काम जारी है. इसी क्षेत्र में नॉन इंटरलॉकिंग का कार्य भी किया जा रहा है. रेलवे का कहना है कि सुरक्षा और तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों को रद्द करने और उनके मार्ग में परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया है.

16 ट्रेनों को किया गया डायवर्ट

डालटनगंज स्टेशन से होकर गुजरने वाली 16 ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है. इन ट्रेनों को गढ़वा रोड, डेहरी ऑन सोन और बरकाकाना के रास्ते चलाया जायेगा. वहीं धनबाद की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों को धनबाद, गढ़वा रोड और चोपन के रास्ते डायवर्ट किया गया है. रांची की दिशा से आने वाली ट्रेनों को डेहरी ऑन सोन और गढ़वा रोड के रास्ते चलाया जायेगा. यह व्यवस्था 22 जून से 27 जून तक प्रभावी रहेगी.

इन प्रमुख ट्रेनों का बदला गया मार्ग

जिन प्रमुख ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है उनमें विशाखापट्टनम-वाराणसी एक्सप्रेस, धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस, हटिया-नई दिल्ली एक्सप्रेस, नई दिल्ली गरीब रथ एक्सप्रेस, टाटा-जम्मूतवी एक्सप्रेस, संबलपुर-जम्मूतवी एक्सप्रेस, हावड़ा-जबलपुर शक्तिपुंज एक्सप्रेस, रांची-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस, जम्मूतवी-टाटा एक्सप्रेस, जम्मूतवी-संबलपुर एक्सप्रेस, नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस, आनंद विहार-हटिया एक्सप्रेस, वाराणसी-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस, भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस, जबलपुर-हावड़ा शक्तिपुंज एक्सप्रेस तथा वाराणसी-रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस शामिल हैं.

हजारों यात्रियों को हो रही परेशानी

ट्रेनों के रद्द होने और मार्ग परिवर्तन का सबसे अधिक असर डालटनगंज से जपला तक यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ा है. प्रतिदिन सैकड़ों लोग मेदिनीनगर स्थित न्यायालय के कार्यों के लिए इस मार्ग का उपयोग करते हैं. इसके अलावा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कॉलेज और कोचिंग के लिए इसी रेल मार्ग पर निर्भर रहते हैं. डालटनगंज से जपला तक का रेल मार्ग क्षेत्र की लाइफ लाइन माना जाता है. ट्रेन सेवा बाधित होने के कारण लोगों को बसों का सहारा लेना पड़ रहा है. बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने से भीड़ और किराये दोनों में इजाफा हो गया है.

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समय और पैसे दोनों का बढ़ा बोझ

ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अतिरिक्त समय भी खर्च करना पड़ रहा है. कई यात्रियों को अपनी यात्रा के लिए पहले से अधिक किराया देना पड़ रहा है, जबकि बसों में भीड़ के कारण सफर भी असुविधाजनक हो गया है. ऐसे में यात्रियों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द पूरा हो और रेल सेवाएं सामान्य हो जाएं, ताकि क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली यह रेल सेवा फिर से अपनी पुरानी रफ्तार पकड़ सके.

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By Kumarvishwat sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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