पलामू, लातेहार व सिमडेगा में पुलिस को मिली सफलता, जेजेएमपी व टीपीसी से जुड़े नौ लोग गिरफ्तार, हथियार भी बरामद

राज्य के दो जिले पलामू व लातेहार की पुलिस को जेजेएमपी और टीपीसी से जुड़े नौ लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है. ये सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि जब नक्सली और उग्रवादी फिर से सिर उठाने लगे हैं, उन्हें कुचलने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है. पलामू पुलिस ने जेजेएमपी […]

राज्य के दो जिले पलामू व लातेहार की पुलिस को जेजेएमपी और टीपीसी से जुड़े नौ लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है. ये सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि जब नक्सली और उग्रवादी फिर से सिर उठाने लगे हैं, उन्हें कुचलने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है.

पलामू पुलिस ने जेजेएमपी के जिन चार सक्रिय सहयोगियों को गिरफ्तार किया है वे इलाके के ठेकेदार, व्यवसायी व वैसे लोगों की सूची उपलब्ध कराते थे, जिनसे संगठन लेवी वसूलने का काम करता था.

वहीं, दूसरी ओर लातेहार के बालूमाथ थाना के तितिरमहुआ गांव के जंगल से पुलिस ने टीपीसी के सबजोनल कमांडर कार्तिक समेत पांच उग्रवादियों को गिरफ्तार करते हुए भारी मात्रा में गोली व हथियार बरामद किया है़ उधर सिमडेगा में पुलिस तथा पीएलएफआइ उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद पीएलएफआइ के एक उग्रवादी को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है.

मेदिनीनगर/लातेहार : रविवार को पलामू एसपी अजय लिंडा ने बताया कि सूचना मिली थी कि जेजेएमपी के सहयोगी रामगढ़ में हैं. इसके बाद छापामारी की गयी. इस दौरान सबसे पहले गढ़वा के भंडरिया थाना क्षेत्र के कुरुन गांव का रहनेवाला विवेक यादव पकड़ा गया. बाद में उसकी निशानदेही पर राकेश यादव, विजय राम के अलावा रामगढ़ के चोरहट गांव के आशीष साव को गिरफ्तार किया गया. विवेक यादव के पास से एक देसी पिस्तौल व एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है.

चारों सहयोगियों ने जेजेएमपी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करायी है. उनलोगों ने यह कबूल किया कि चैनपुर व रामगढ़ थाना क्षेत्र में ईंट भट्ठा, क्रशर मालिक, ठेकेदार से लेवी वसूलने के लिए उनलोगों का मोबाइल नंबर संगठन के एरिया कमांडर महेश भुइयां को उपलब्ध कराते थे. जो लोग संगठन को लेवी नहीं देते थे, वैसे लोगों को नुकसान पहुंचाने का काम इन्हीं लोगों द्वारा किया जाता था.

एसपी ने बताया कि ये लोग जिस तरीके सेे काम करते थे, उसे देख कर किसी को शक भी नहीं होता था. इसके अलावा यह भी कबूल किया कि शाहपुर में सुबोध गुप्ता के बीड़ी पत्ता गोदाम में छह लोगों ने आग लगायी थी. यह घटना 20 सितंबर 2019 की थी. प्रेस कॉन्फ्रेंस में सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संदीप गुप्ता, पुलिस निरीक्षक आर आर शाही, थाना प्रभारी सुनीत कुमार, रामगढ़ थाना प्रभारी धुमा किस्को मौजूद थे.

बड़ी घटना को अंजाम देने वाला था टीपीसी का दस्ता

दूसरी ओर लातेहार एसपी प्रशांत आनंद ने प्रेस वार्ता में बताया कि सूचना मिली थी कि टीपीसी का दस्ता किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए बालूमाथ थाना के तितिरमहुआ के जंगल में एकत्रित हुआ है. एएसपी (अभियान) विपुल पांडेय के नेतृत्व में छापेमारी की गयी.

पुलिस जंगल में छापेमारी करने निकली थी तभी कई संदिग्ध हथियार के साथ देखे गये. इसके बाद घेराबंदी कर टीपीसी के सबजोनल कमांडर कार्तिक उर्फ विजय गंझू (लावालौंग चतरा), जगेश्वर गंझू, रंजीत गंझू, पप्पू गंझू और रूपलाल गंझू (सभी डाकादीरी, बालूमाथ) को गिरफ्तार कर लिया गया. एसपी ने बताया कि उग्रवादियों की निशानदेही पर जंगल में छिपाकर रखे हुए दस हथियार, जिसमें पुलिस से लूटी गयी एक कारबाइन व एक राइफल को बरामद किया गया. इसके अलावा राइफल की 423 गोली, नक्सली पर्चे और साहित्य बरामद किये गये हैं. उन्होंने बताया कि कार्तिक के खिलाफ चतरा जिला के लावालौंग, सिमरिया व लातेहार जिला के बालूमाथ व हेरहंज थाना में दस तथा जगेश्वर के खिलाफ बालूमाथ थाना में एक मामला दर्ज है.

आतंक का पर्याय था सबजोनल कमांडर कार्तिक : एसपी प्रशांत आनंद के अनुसार कार्तिक उर्फ विजय गंझू आतंक का पर्याय बना हुआ था. इसने लेवी वसूलने के साथ कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है. पिछले दिनों टोरी शिवपुर रेल परियोजना के काम में लगे कई वाहनों को जलाने और लेवी के लिए कई लोगों को पीट कर घायल करने में भी कार्तिक का हाथ है.

लातेहार और चतरा पुलिस ने नवंबर 2019 में लेवी एवं अन्य तरीके से अर्जित की गयी कार्तिक की संपत्ति जब्त की थी. साथ ही उसके घर की कुर्की भी की थी. कार्तिक के खिलाफ हेरहंज थाना में 19 दिसंबर 2016 को 17 सीएलएक्ट के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.

इधर, मुठभेड़ में पकड़ा गया एक उग्रवादी

इधर सिमडेगा के जलडेगा के ओड़गा थाना में पुलिस तथा पीएलएफआइ उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ के बाद एक पीएलएफआइ उग्रवादी को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की.

उसके पास से एक राइफल, तीन कारतूस और दो खोखा बरामद किये गये हैं. एसपी संजीव कुमार को सूचना मिली थी कि पहाड़ टोली जंगल में पांच-छह उग्रवादी किसी घटना को अंजाम देने के फिराक में हैं. इसके बाद एएसपी निर्मल गोप के नेतृत्व में पुलिस ने जंगल में तलाशी अभियान शुरू की. इसी दौरान उग्रवादी फायरिंग करने लगे.

पुलिस ने भी फायरिंग की. दोनों ओर से लगभग 24 राउंड फायरिंग हुई. इसी बीच अंधेरे का लाभ उठाते हुए चार-पांच उग्रवादी भाग निकले गये. जबकि एक उग्रवादी सोमा सुरीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. उसने पूछताछ में कई अहम जानकारी पुलिस को दी है, जिसके आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है़

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