मेदिनीनगर : मंगलवार को कांग्रेस शिक्षा विभाग ने पारा शिक्षकों की मांग को जायज ठहराते हुए उन पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ एक दिवसीय धरना दिया. छहमुहान के पास आयोजित धरना कार्यक्रम में कांग्रेसियों ने झारखंड की रघुवर सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अपनी दमनकारी नीति को सरकार छोड़े अन्यथा आंदोलन तेज होगा.
मुख्य अतिथि कांग्रेस शिक्षा विभाग के स्टेट चेयरमैन श्यामनारायण सिंह ने कहा कि शिक्षा का अलख जगा रहे पारा शिक्षकों के बेहतर जीवन के लिए सरकार के पास सोचने का समय नहीं है. लेकिन पारा शिक्षक जब अपनी जायज मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, तो सरकार दमनकारी नीति अपनाते हुए क्रूर शासक का परिचय दिया. पारा शिक्षकों व पत्रकारों पर लाठी चार्ज किया गया.
राज्य के मुख्यमंत्री पारा शिक्षकों को गुंडा व पत्थरबाज की संज्ञा दे रहे हैं. लेकिन वे स्वयं क्या कर रहे हैं और क्या कह रहे हैं, इस पर गंभीरता से नहीं सोच रहे हैंं. लाठी व गोली से पारा शिक्षकों की आवाज अब नहीं दबेगी. क्योंकि कांग्रेस ने उनके आंदोलन को समर्थन दिया है. कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जैश रंजन पाठक उर्फ बिट्टु ने कहा कि पारा शिक्षकों के साथ अमानवीय व्यवहार जो किया गया है, उसके लिए मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए.
कार्यक्रम की अध्यक्षता कांग्रेस शिक्षा विभाग के जिलाध्यक्ष भृगुनाथ सिंह ने की. मौके पर विनोद तिवारी,सजाद खान, रामाशीष पांडेय, शमीम अहमद राइन, धनंजय सिंह, बसंत सिंह,श्यामबिहारी दुबे, राजमुनी सिंह,राजेंद्र अग्रवाल, राजेश चौरसिया, सुधीर सिंह, इमरान सिद्दिकी, अभिषेक सिंह, ईश्वरी सिंह,सत्यानंद दुबे, संतोष चौबे आदि ने लाठी चार्ज की निंदा की.
राज्य के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा कि राज्य सरकार पारा शिक्षकों के साथ अन्याय कर रही है. पारा शिक्षकों की सेवा स्थायी होनी चाहिए.क्योंकि वे पूरी लगन व निष्ठा के साथ अपने कर्तव्य का निर्वह्न कर रहे हैं और सुदुरवर्ती इलाकों में शिक्षा का अलख जगा रहे हैं.
राज्य सरकार तानाशाही रवैया व दमनकारी नीति का त्याग कर पारा शिक्षकों की सेवा स्थायी करें. अन्यथा कांग्रेस पारा शिक्षकों की मांग को लेकर आंदोलन तेज करेगी. श्री त्रिपाठी ने कहा कि 15 नवंबर को स्थापना दिवस समारोह में पारा शिक्षकों पर जो लाठी चार्ज किया गया, उसके दोषी पदाधिकारियों को निलंबित कर सरकार कार्रवाई करे.
