अयोग्य लाभुकों को हटाने की तैयारी प्रतिनिधि, पाटन प्रखंड सह अंचल कार्यालय के सभागार में शनिवार को पेंशन योजनाओं को लेकर सोशल ऑडिट किया गया, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आये. ऑडिट के दौरान पाया गया कि कुछ महिलाएं पति के जीवित होने के बावजूद विधवा पेंशन का लाभ उठा रही हैं. जिले के प्रतिनियुक्त ऑडिटर राजेश कुमार ने बताया कि जिले में कुल 84 हजार 457 पेंशनधारी हैं. इनमें 10 हजार 332 विधवा पेंशनधारी, 97 पारिवारिक लाभ योजना के लाभुक, 72 हजार 646 वृद्धा पेंशनधारी और 1382 स्वामी विवेकानंद प्रोत्साहन योजना के लाभुक शामिल हैं. बैठक में कई मामलों को उठाया गया, जिसमें सामने आया कि कुछ लोग गलत तरीके से मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर पेंशन ले रहे हैं, जबकि कई लोग उम्र बढ़ाकर वृद्धा पेंशन का लाभ उठा रहे हैं. इस खुलासे पर बैठक में मौजूद लोगों ने चिंता जतायी. पाटन पश्चिमी के जिप सदस्य जयशंकर सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है. उन्होंने मनरेगा योजना में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि यह लूट की योजना बनकर रह गयी है. आवास योजना के लाभुकों को मजदूरी का भुगतान नहीं हो रहा है और लोग एक साल से अधिक समय से प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं. वहीं मनरेगा बीपीएम स्वीटी सिन्हा ने कहा कि बैठक सवाल-जवाब के लिए नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि पति के जीवित रहते विधवा पेंशन लेना अपराध है. बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक पंचायत में ग्राम सभा आयोजित कर अयोग्य लाभुकों का नाम सूची से हटाया जायेगा. हालांकि, इस पर भी सवाल उठ रहा है कि ग्राम सभा की अध्यक्षता मुखिया करते हैं, ऐसे में गलत तरीके से लाभ लेने वालों पर कार्रवाई कैसे सुनिश्चित होगी.
.सोशल ऑडिट में खुलासा, जिंदा पति के बाद भी ले रहीं विधवा पेंशन
अयोग्य लाभुकों को हटाने की तैयारी
