तेजाब से पति की हत्या में पत्नी समेत एक अन्य को मिला आजीवन कारावास
पाकुड़ कोर्ट. अपर जिला सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने तेजाब से पति समीम शेख की हत्या मामले में पत्नी समेत दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
पाकुड़ कोर्ट. अपर जिला सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने तेजाब से पति समीम शेख की हत्या मामले में पत्नी समेत दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. यह मामला महेशपुर थाना कांड संख्या 40/2010 से संबंधित था, जिसमें मृतक की पत्नी जश्मीना बीबी उर्फ पारूल बीबी और नंदकिशोर सिन्हा को दोषी पाया गया है. अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कठोर सजा सुनाई, जिसमें धारा 302 एवं 120बी के तहत आजीवन कारावास और एक-एक लाख रुपये का आर्थिक दंड के अलावा धारा 307 के तहत सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 326 के तहत 10 वर्ष सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 452 के तहत 5 वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड, धारा 324 के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये का अर्थदंड की सजा सुनाई है. क्या था पूरा मामला यह मामला 25 मई 2010 की रात 12:15 बजे की है. मृतक की पत्नी जश्मीना बीबी ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि वह अपने पति समीम शेख और बच्चों के साथ घर के दरवाजे खुले छोड़कर सो रही थी. उसी दौरान एक व्यक्ति कटोरा लेकर अंदर घुसा और अचानक उसके पति पर कोई तरल पदार्थ फेंक दिया. जश्मीना ने बताया कि उसने इस व्यक्ति की पहचान रकिबूल शेख और नईम शेख के रूप में की, जबकि अन्य पांच-छह लोगों को पहचान नहीं पाई. हमले के बाद जब वह घर लौटी तो देखा कि उसके पति का चेहरा और सीना बुरी तरह जल गया था और वह तड़प रहा था. इसी दौरान जश्मीना बीबी भी झुलस गई थी. जांच में हुआ बड़ा खुलासा पुलिस जांच में सामने आयी कि जश्मीना बीबी ने ही अपने सौतेले बेटे और नंदकिशोर सिन्हा के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी. हमले के बाद समीम शेख ने मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना मृत्यु पूर्व बयान दर्ज कराया, जिसमें उसने स्पष्ट रूप से बताया कि उसकी पत्नी ने यह हमला किया था. बाद में इलाज के दौरान पति की मौत हो गई. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने तीनों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया. मुकदमे के दौरान डॉक्टर समेत 14 गवाहों की गवाही दर्ज की गई. सभी सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने जश्मीना बीबी और नंदकिशोर सिन्हा को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई.
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