पाकुड़: सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमड़ापाड़ा में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान एवं प्रबंधन विषय पर ब्लॉकस्तरीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया. इसमें एएनएम, जीएनएम एवं सीएचओ ने भाग लिया. प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रेम जी और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर कमलेश कुमार ने किया.
मौके पर डॉ. प्रेम ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम चार गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) कराना आवश्यक है, ताकि हाई रिस्क मामलों की समय पर पहचान कर उचित उपचार और रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके. उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के महत्व पर भी प्रकाश डाला. प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर सीएचओ एवं जीएनएम ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के 25 प्रमुख जोखिम कारकों, उनकी पहचान और प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी.
ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर कमलेश कुमार ने प्रत्येक हाई रिस्क गर्भवती महिला का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने और एचआरपी रजिस्टर संधारित करने का निर्देश दिया. पीरामल फाउंडेशन के सीनियर प्रोग्राम लीडर अम्लान और प्रोग्राम लीडर दुर्गेश दुबे ने भी प्रशिक्षण के दौरान मातृत्व स्वास्थ्य, एचआरपी मॉड्यूल और एनीमिया की रोकथाम से संबंधित जानकारी दी.
