अमरभीठा गांव में नहीं है सड़क, लोग पगडंडी का लेते हैं सहारा
प्रखंड के पहाड़ी क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग आज भी बिजली, पानी सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से कोसो दूर हैं.
लिट्टीपाड़ा प्रखंड के ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं से हैं वंचित लिट्टीपाड़ा. प्रखंड के पहाड़ी क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग आज भी बिजली, पानी सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से कोसो दूर हैं. यू तो लिट्टीपाड़ा प्रखंड को देश के सबसे पिछड़ा प्रखंड में शुमार है. जोरडीहा पंचायत अंतर्गत अमरभिठा गांव में आज भी लोग मुख्य सड़क से लगभग पांच किलोमीटर ऊबड़खाबड़ पथरीली पगडंडी व एक किलोमीटर दूर झरने का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं. ग्रामीण जोसेफ मलतो, रामू पहड़िया, दानिएल पहड़िया, पिरका पहड़िया आदि ने बताया अमरभिठा व तेतलीपहाड़ दो टोला मिलाकर लगभग 70 परिवार के लगभग पांच सौ लोग काफी कठिन परिस्थिति में आवागम करने को मजबूर हैं. आजादी में 70 दशक बीत जाने के बाद भी मुख्य सड़क से गांव तक लगभग पांच किलोमीटर सड़क नहीं बन पायी है. सड़क के अभाव में लोग पथरीली पगडंडी के सहारे चलने को मजबूर हैं. साथ ही गांव में आज तक शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है. ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव तक सड़क बनाने की मांग की है ताकि गांव का विकास हो सके और गांव के बीमार व गर्भवती महिलाओं को समय से सुरक्षित हॉस्पिटल पहुंचायी जा सके. क्या कहते हैं मुखिया मुखिया ने बताया गांव में पेयजल और सड़क की घोर समस्या है. आज भी गांव के लोग पेयजल के लिए मिलों दूर पैदल चलकर झरने का दूषित पानी पीने को विवश है. गांव तक जाने के लिए सड़क की सुविधा नहीं है. -जोसेफ मालतो, मुखिया
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