केंद्र व राज्य सरकार का स्मार्ट क्लास, मॉडल शिक्षा व्यवस्था का दावा खोखला देवब्रत दास, महेशपुर केंद्र व राज्य सरकार स्मार्ट क्लास, मॉडल शिक्षा व्यवस्था समेत कई सुविधाओं की बात करती है, ताकि बच्चों को आधुनिक और बेहतर शिक्षा हासिल हो सके, लेकिन महेशपुर प्रखंड स्थिति इसके ठीक उलट है. महेशपुर प्रखंड अंतर्गत 91 सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है. सुदूरवर्ती व पहाड़ी इलाकों में बसे गांव स्थित स्कूलों की हालत और भी खराब है. महेशपुर प्रखंड अंतर्गत कुल सरकारी विद्यालय 249 हैं. शिक्षा विभाग के मुताबिक महेशपुर में 91 वैसे सरकारी विद्यालय हैं, जहां सिर्फ एक-एक शिक्षक हैं. ऐसे में समझा जा सकता है कि एक शिक्षक कई कक्षाओं के बच्चों को एक साथ कैसे पढ़ा सकते हैं. ऐसे में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पाती है. सरकार शिक्षा के अधिकार अधिनियम की बात करती है, लेकिन सच्चाई यह है कि महेशपुर में 91 सरकारी स्कूल हैं, इन सभी स्कूलों में सिर्फ एक-एक शिक्षक हैं. सुदूरवर्ती व पहाड़ी इलाकों में बसे गांवों में स्थित सरकारी स्कूलों की हालत और भी खराब है. वैसे तो शिक्षकों के सिर पर स्कूल कार्य व बैठक में शामिल होने की रहती है. मध्याह्न भोजन की भी परेशानी रहती है. महेशपुर प्रखंड क्षेत्र में हैं कुल 249 विद्यालय शिक्षा विभाग के अनुसार, महेशपुर प्रखंड क्षेत्र में कुल विद्यालय कुल संख्या- 249 हैं. इन विद्यालयों में छात्र- छात्राएं की संख्या करीब 34 हजार है. सरकारी शिक्षकों की संख्या-125 व पारा शिक्षकों की संख्या- 435 है, जबकि क्षेत्र में 91 ऐसे विद्यालय है, जहां एक-एक शिक्षक के भरोसे चल रहा है. महेशपुर प्रखंड अंतर्गत सरकारी स्कूलों की बदहाली का आलम यह है कि 91 सरकारी स्कूल सिर्फ एक-एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं. विद्यालयों में शिक्षकों की घोर कमी है, जहां एक ही शिक्षक कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को पढ़ाने और प्रशासनिक कार्य करने को मजबूर हैं. इससे छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है और उनका भविष्य दांव पर लग गया है. इन विद्यालयों में हैं सिर्फ एक-एक शिक्षक 91 विद्यालयों में से कैराछत्तर, अमलागाछी, अमृतपुर, अर्जुनदाहा, बाम्हणपोखर, बड़ाकेंदुआ, बथानडांगा, बेनादती, बिरकीबथान, बोरियो, धवाबथान, धवाडंगाल, गरदाहा, गोंडाई, गोविंदपुर, खारोपाड़ा, खुरिडीह, नारायणपुर, नावपाड़ा, नुनबट्टा, पकड़ीपाड़ा, पाड़ा, परियारदाहा, पिपरजोरी, पोचोयबेडा, सिंघना, शिमलदही, शियालपहाड़ी, सोनापुर, तसरिया, बागडुबा, बलरामपुर, दीघा, ऐठापाड़ा, अखड़ाशोल, भिलाई बरमसिया, भीमपुर, देवपुर,दुर्गापुर, घाटचोरा, गोपालनगर, कदमपुर, खेड़ीबाड़ी, मुर्गाडांगा- वन, निरबांध, पथरघट्टा, श्यामपुर, ठाकुरटोला, तुलसीपुर, अहिल्यापुर, अम्बायपहाड़ी, अनूपडांगा, बाहापुर, बड़ा भरतपुर, चमरखी, दुबराजपुर खास, गोपालनगर, हरिदासपुर, जबतिखडियोपाड़ा, जयनगरा, जियापानी, जुगिडीह, कार्तिकपाड़ा, कोलाबाड़ी, कोठालपोखर, कूपागडिया, कुशुमडांगा, लखनपुर, लखिजोल, माधोपाड़ा, महुलपहाड़ी, मजडीहा, मालधारा, मंगलापाड़ा, मुशनदाहा, नामोमहुलबोना, नंदोपुर, न्याग्राम, पथरदाहा, पथरघट्टा, पूर्णाडांगा, रघुनाथपुर, शहरी, सामु बरमसिया, सोसाजोली, ताल पोडरा व टोला शेरपुर शामिल हैं. क्या कहती हैं बीइइओ इस संबंध में महेशपुर बीइइओ से दूरभाष पर संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि शिक्षक की कमी को लेकर विभाग को अवगत करा दिया गया है. -सुधा कुमारी, बीइइओ, महेशपुर
महेशपुर के 91 विद्यालयों में एक-एक शिक्षकों के भरोसे बच्चों का गढा जा रहा है भविष्य
महेशपुर प्रखंड अंतर्गत 91 सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है.
