पाकुड़ : दिल्ली पब्लिक स्कूल, पाकुड़ में शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर समारोह का आयोजन हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षकों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करने के साथ गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को रेखांकित करना था.
राधाकृष्णन के चित्र पर अर्पित किए पुष्प
कार्यक्रम का शुभारंभ महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जे.के. शर्मा सहित सभी शिक्षकों द्वारा पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ. इसके बाद विद्यार्थियों ने शिक्षकों के सम्मान में स्वागत गीत, कविताएं और भाषण प्रस्तुत किए.
शिक्षक विद्यार्थियों के सच्चे शिल्पकार : जे.के. शर्मा
इस अवसर पर प्रधानाचार्य जे.के. शर्मा ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने वाले मार्गदर्शक नहीं होते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करने वाले सच्चे शिल्पकार होते हैं. एक शिक्षक अपने ज्ञान से केवल एक विद्यार्थी को शिक्षित नहीं करता, बल्कि आने वाले समाज और राष्ट्र की दिशा को भी प्रभावित करता है. उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों के मार्गदर्शन का सम्मान करते हुए निरंतर सीखने और बेहतर बनने का प्रयास करने की अपील की.
अच्छे अंक से अधिक जरूरी संस्कार : अरुणेंद्र कुमार
विद्यालय के निदेशक अरुणेंद्र कुमार ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है. उन्होंने कहा कि शिक्षक स्वयं प्रकाशमान रहकर दूसरों के जीवन को प्रकाशित करने वाले दीपक के समान होते हैं. किसी भी विद्यालय की वास्तविक पहचान उसके भवन से नहीं, बल्कि शिक्षकों की प्रतिबद्धता और विद्यार्थियों के संस्कार से होती है.
स्नेह और सम्मान का रिश्ता हुआ मजबूत
शिक्षक दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच स्नेह, सम्मान और विश्वास के संबंध को और मजबूत करने वाला रहा. समारोह का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि शिक्षक की सच्ची सफलता उसके विद्यार्थियों की उपलब्धियों और अच्छे संस्कारों में निहित होती है. पूरे विद्यालय परिसर में गुरु के सम्मान और शिक्षा के प्रति समर्पण की भावना देखने को मिली.
