हिरणपुर : प्रखंड अंतर्गत पीएम श्री मध्य विद्यालय तारापुर के प्रधानाध्यापक सुभाष आनंद के खिलाफ ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधीक्षक को आवेदन देकर कई गंभीर शिकायतें की हैं. ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है.
शिक्षिका को शिक्षण कार्य से अलग रखने का आरोप
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय में कक्षा 5 से 8 तक पढ़ाने वाली एक महिला शिक्षिका को शिक्षण कार्य के बजाय निजी एवं कार्यालय संबंधी कार्यों में अधिक व्यस्त रखा जाता है. ग्रामीणों का कहना है कि इससे शिक्षिका के नियमित शिक्षण कार्य के साथ छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है.
एमडीएम में भी अनियमितता की आशंका
ग्रामीणों ने मध्याह्न भोजन योजना में भी अनियमितता की आशंका जताई है. आरोप है कि वास्तविक रूप से उपस्थित एवं भोजन प्राप्त करने वाले बच्चों की तुलना में सरकारी अभिलेखों में बच्चों की संख्या अधिक दर्ज की जा रही है. ग्रामीणों ने इस बिंदु की भी जांच कराने की मांग की है.
बिना सूचना एसएमसी पुनर्गठन का आरोप
विद्यालय प्रबंधन समिति के पुनर्गठन को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि संबंधित अभिभावकों एवं ग्रामीणों को सूचना दिए बिना समिति का पुनर्गठन किया गया. आवेदन में प्रधानाध्यापक के करीब 20 वर्षों से एक ही विद्यालय में पदस्थापित रहने का भी उल्लेख किया गया है.
अभिलेखों के भौतिक सत्यापन की मांग
ग्रामीणों ने विद्यालय की उपस्थिति पंजी, मध्याह्न भोजन पंजी, एसएमसी बैठक पंजी सहित अन्य अभिलेखों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है. शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि उनका उद्देश्य किसी के प्रति व्यक्तिगत दुर्भावना नहीं, बल्कि विद्यालय में पारदर्शिता एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है.
क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक
इस संबंध में प्रधानाध्यापक सुभाष आनंद से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि कुछ खास व्यक्तियों द्वारा लोगों को बरगला कर हस्ताक्षर कराया गया है. उन्होंने लगाए गए आरोपों को सरासर बेबुनियाद बताया.
