प्रतिनिधि, पाकुड़. जून माह की शुरुआत होते ही जिले में उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. मंगलवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बढ़ती गर्मी के कारण जिले के विभिन्न प्रखंडों में जनजीवन प्रभावित रहा. तेज धूप और उमस के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया. दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर अपेक्षाकृत सन्नाटा देखने को मिला. इधर, गर्मी बढ़ने के साथ ही पारंपरिक देसी फ्रिज के रूप में उपयोग किये जाने वाले मिट्टी के घड़े और सुराही की मांग भी बढ़ी है. मांग बढ़ने के कारण इनके दाम में भी 30 से 40 रुपये तक की वृद्धि हुई है. वर्तमान में मिडिल साइज का घड़ा लगभग 200 रुपये, सामान्य व बड़ा सुराही 200 से 300 रुपये 300 रुपये में बिक रही है. दुकानदारों का कहना है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मिट्टी के बर्तनों की बिक्री में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है. दुकानदार जतिन पाल ने बताया कि कम कीमत, बिजली की बचत और प्राकृतिक रूप से ठंडा पानी उपलब्ध होने के कारण लोग देसी फ्रिज को अधिक पसंद कर रहे हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मिट्टी के बर्तनों में रखा पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा रहता है. यह शरीर के लिए नुकसानदायक नहीं होता. यही कारण है कि लोग स्वास्थ्य लाभ को ध्यान में रखते हुए मिट्टी के घड़े और सुराही को प्राथमिकता दे रहे हैं.
उमस भरी गर्मी ने लोगों की बढ़ायी परेशानी, देसी फ्रिज की बढ़ी मांग
पाकुड़. जून माह की शुरुआत होते ही जिले में उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है.
