महेशपुर : प्रखंड के नुराई गांव में मंगलवार को एमआरएमए 2.0 के तहत रेशमकीट पालन के दौरान कीटाणुशोधन, स्वच्छता एवं रोग प्रबंधन के महत्व को लेकर जागरूकता-सह-किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में किसानों को स्वस्थ रेशमकीट पालन और बेहतर गुणवत्ता वाले कोकून उत्पादन के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गयी.
रोगों की रोकथाम की दी तकनीकी जानकारी
वैज्ञानिक बी. गौथमी ने कीटाणुशोधन, स्वच्छता एवं रोगों की रोकथाम से संबंधित तकनीकी जानकारी किसानों को दी. उन्होंने पालन गृह को साफ-सुथरा रखने तथा उचित तरीके से कीटाणुरहित करने के महत्व पर प्रकाश डाला. साथ ही रोग संक्रमण के विभिन्न स्रोतों, संक्रमण के माध्यम और रोगों की रोकथाम के उपायों पर विस्तार से चर्चा की.
उन्होंने किसानों को पालन गृह, पालन उपकरणों और अन्य सामग्रियों के उचित कीटाणुशोधन की विधि बतायी. पूरे पालन काल के दौरान स्वच्छता एवं साफ-सफाई बनाए रखने को स्वस्थ रेशमकीट वृद्धि और बेहतर कोकून उत्पादन के लिए आवश्यक बताया.
बेड डिसइन्फेक्टेंट के प्रयोग का कराया प्रदर्शन
रेशम विभाग, संथाल परगना के एडीआई दास कुमार एक्का ने बेड डिसइन्फेक्टेंट के उचित उपयोग एवं प्रयोग की व्यावहारिक जानकारी दी. उन्होंने बेड डिसइन्फेक्टेंट के सही प्रयोग की विधि का प्रदर्शन करते हुए विशेष रूप से मोल्टिंग (केचुली बदलने) की अवस्था में स्वस्थ पालन बेड बनाए रखने में इसकी उपयोगिता समझायी.
स्वस्थ कीट वृद्धि के लिए स्वच्छता पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को सफल रेशमकीट पालन, स्वस्थ कीट वृद्धि और बेहतर गुणवत्ता वाले कोकून उत्पादन के लिए नियमित रूप से कीटाणुशोधन एवं स्वच्छता संबंधी उपाय अपनाने के लिए जागरूक किया गया. मौके पर एसटीए एनडी. भुईमालि, परमेश्वर यादव सहित दर्जनों किसान मौजूद थे.
