महेशपुर : रक्षा बंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है. महेशपुर प्रखंड के लखीपुर गांव में यह पर्व सामाजिक सौहार्द की मिसाल भी पेश कर रहा है. यहां सरिया परवीन पिछले 15 वर्षों से महेशपुर-गढ़बाड़ी निवासी साधन ठाकुर को रक्षा बंधन के दिन राखी बांधती आ रही हैं.
धर्म से परे भाई-बहन का रिश्ता
शुक्रवार को भी सरिया परवीन ने साधन ठाकुर की कलाई पर राखी बांधी और भाई-बहन के इस रिश्ते को कायम रखा. सरिया परवीन ने बताया कि वह प्रत्येक वर्ष अपने हिंदू भाई साधन ठाकुर को राखी बांधती हैं. उनके लिए यह रिश्ता धर्म से परे है.
उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन केवल किसी एक धर्म का पर्व नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा और भाई-बहन के स्नेह का त्योहार है. राखी का छोटा-सा धागा जब विश्वास और स्नेह से जुड़ता है तो मजहब की दूरियां भी मिट जाती हैं.
15 वर्षों से निभा रहे भाईचारे का रिश्ता
पिछले 15 वर्षों से दोनों परिवारों के बीच यह भाई-बहन का रिश्ता आपसी प्रेम और विश्वास के साथ निभाया जा रहा है. रक्षा बंधन के अवसर पर यह रिश्ता क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश दे रहा है.
