तालवा-खाडू सड़क के लिए सड़क पर उतरे सैकड़ों लोग आश्वासन के बाद खुला चक्का जाम, तीन माह में टेंडर का वादा प्रतिनिधि, पाकुड़िया लागडुम पंचायत अंतर्गत तालवा चौक से खाडू टोला तक 12 किलोमीटर जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर मंगलवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने तालवा चौक पर पाकुड़िया-महेशपुर-पाकुड़ मुख्य सड़क जाम कर दी. एक माह के भीतर यह दूसरा चक्का जाम था. सुबह करीब 6 बजे शुरू हुए आंदोलन से मुख्य मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया. जाम के कारण सड़क के दोनों ओर ट्रक, बस, कार समेत अन्य वाहनों की लंबी कतार लग गई. भीषण गर्मी के बीच यात्रियों, व्यापारियों और आम लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी. कई वाहन चालक और यात्री जाम खुलने का इंतजार करते रहे. 35 सालों से बदहाल सड़क के पुनर्निर्माण की मांग ग्रामीणों का कहना था कि तालवा चौक से खाडू टोला तक की सड़क करीब 35 वर्षों से बदहाल है. वर्ष 1982-83 में आरईओ द्वारा सड़क का पक्कीकरण कराया गया था, लेकिन इसके बाद न तो इसकी मरम्मत हुई और न ही पुनर्निर्माण. सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन चुके हैं. बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे लोगों का आवागमन मुश्किल हो जाता है. सूचना पर पहुंचे अधिकारी, चली लंबी वार्ता आंदोलन की सूचना मिलते ही एसडीपीओ विजय कुमार, पुलिस इंस्पेक्टर मदन कुमार शर्मा, पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता वीर राघवन, सब-डिविजनल इंजीनियर अवधेश कुमार और जेई उज्ज्वल कुमार समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच लंबी वार्ता हुई. कार्यपालक अभियंता को देना पड़ा लिखित आश्वासन, माने लोग वार्ता के दौरान कार्यपालक अभियंता वीर राघवन ने लिखित आश्वासन दिया कि सड़क को पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. उन्होंने कहा कि तीन माह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा. वहीं एसडीपीओ विजय कुमार ने तत्काल सड़क के गड्ढों में डस्ट भरकर उसे चलने योग्य बनाने का भरोसा दिलाया. लिखित आश्वासन मिलने के बाद दोपहर करीब 2 बजे ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया. हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि तय अवधि में निर्माण कार्य शुरू नहीं होने पर वे अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
ओके00 सड़क निर्माण की मांग पर दूसरी बार सड़क जाम, आठ घंटे फंसे रहे वाहन, यात्री परेशान
पाकुड़िया के तालवा चौक से खाडू टोला तक जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर सैकड़ों ग्रामीणों ने मुख्य सड़क जाम कर आंदोलन किया। 35 वर्षों से बदहाल सड़क की मरम्मत नहीं हुई थी, जिसके कारण आवागमन प्रभावित हुआ। अधिकारियों के पहुंचने पर लंबी बातचीत हुई और कार्यपालक अभियंता ने तीन माह में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण शुरू करने का लिखित आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने पर जाम खत्म हुआ, लेकिन ग्रामीणों ने असफलता पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी।
