रमेश भगत, पाकुड़
Pakur: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने कहा कि पीवीटीजी वर्ग (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) के मतदाताओं का विवरण प्रखंड स्तर के कार्यालयों में उपलब्ध रहता है. ऐसे मतदाताओं को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए पदाधिकारी पहले से समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें. बुधवार को संथाल परगना के दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन पाकुड़ समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज जिले में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की.
नये मतदाताओं को जोड़ने का भी है प्रावधान
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के निर्माण, नोटिस निर्गत करने तथा सुनवाई के मामलों में ईआरओ और एईआरओ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. सभी पदाधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यों का निष्पादन करें. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान नए मतदाताओं को जोड़ने का भी प्रावधान है. भारत के वे सभी पात्र नागरिक, जो अभी मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हैं और 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे 30 जून से 29 जुलाई तक चलने वाले एन्यूमरेशन चरण और 5 अगस्त से 4 सितंबर तक चलने वाली दावा एवं आपत्ति अवधि में प्रपत्र-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
बैठक में ये लोग थे मौजूद
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण, सुनवाई अथवा किसी भी आदेश के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए. बैठक में गोड्डा के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त लोकेश मिश्रा, पाकुड़ की जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज, साहिबगंज के जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त दीपक कुमार दुबे, तीनों जिलों के सभी विधानसभा क्षेत्रों के ईआरओ, एईआरओ, उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित थे.
ये भी पढ़ें…
जब बांस की बैसाखी के सहारे पहुंचा मेधावी छात्र, तब समझ आया सम्मान का असली अर्थ
पाकुड़ में प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह, छात्रों में उत्साह
