पाकुड़ : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे के न्यायालय ने पोक्सो वाद संख्या 44/2025 में मुख्य आरोपी जोहर आलम को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. न्यायालय ने अभियुक्त पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी समेत कई आरोप
मामला पीड़िता के लिखित फर्द बयान के आधार पर पाकुड़ मालपहाड़ी थाना कांड संख्या 189/2025 के रूप में दर्ज किया गया था. अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने जोहर आलम पर शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया था. पीड़िता का आरोप था कि शादी की बात करने पर अभियुक्त ने इनकार कर दिया. साथ ही, आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देने, गाली-गलौज और मारपीट करने का भी आरोप लगाया गया था.
घर का ताला तोड़कर सामान ले जाने का भी था आरोप
मामले में घर का ताला तोड़कर सामान ले जाने का आरोप भी लगाया गया था. पीड़िता ने अपनी मां के साथ मारपीट करने और घर का ताला तोड़ने के आरोप में यफर शेख, नासिर शेख, जुबेर आलम, भदौरी बीबी और हबीबुल शेख को भी आरोपी बनाया था.
बीएनएस की धारा 69 के तहत दोषी करार
मामला बीएनएस की धारा 126(2), 115(2), 64(2)(एम), 69, 77, 88, 324(2), 351(3), 3(5) तथा पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दर्ज किया गया था. मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में विचारण चला. सुनवाई के दौरान न्यायालय ने जोहर आलम को बीएनएस की धारा 69 के तहत दोषी करार देते हुए उक्त सजा सुनायी.
अन्य अभियुक्तों को बॉन्ड पर छोड़ा गया
वहीं, मामले में शामिल अन्य अभियुक्तों को अन्य धाराओं में न्यायालय ने एक वर्ष के एडमॉनेशन पर बॉन्ड लेकर छोड़ा.
