पाकुड़िया : पाकुड़िया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रयोगशाला प्राविधिक अटल बिहारी रविंद्र पर मरीजों के साथ कथित दुर्व्यवहार, जांच नहीं करने, मानसिक शोषण, जातिगत एवं अभद्र टिप्पणी करने तथा नौकरी से हटाने की धमकी देने के आरोपों की जांच होगी. मामले को लेकर सिविल सर्जन ने जिला स्तर पर तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है. झारखंड विधानसभा की अनुसूचित जाति, जनजाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सदस्य विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी के पत्र के आलोक में संबंधित मामले की जांच कराने का निर्देश दिया गया है.
शिकायत के आधार पर जांच का निर्देश
विधायक की ओर से भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि पाकुड़िया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सहिया साथी के साथ पहुंचे मरीजों की प्रयोगशाला जांच नहीं करने, मानसिक शोषण करने, जातिगत एवं अभद्र टिप्पणी करने, मरीजों को नौकरी से हटाने की धमकी देने तथा दुर्व्यवहार करने संबंधी शिकायत प्राप्त हुई है. इसी शिकायत के आधार पर पूरे मामले की जांच कराने का निर्देश दिया गया है.
तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय टीम में जिला भीबीडी पदाधिकारी डॉ. मनीष कुमार सिन्हा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सीएचसी महेशपुर डॉ. निर्मल कुमार सिंह तथा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सीएचसी हिरणपुर डॉ. सुनील कुमार सिंह को शामिल किया गया है. जांच टीम को शिकायत में वर्णित तथ्यों की जांच कर तीन दिनों के अंदर जांच प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है.
लंबे समय से जमे कर्मियों पर भी सवाल
पाकुड़िया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कुछ स्वास्थ्य कर्मियों के लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थापित रहने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि कुछ कर्मी करीब 15 वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं. स्थानीय स्तर पर आरोप है कि लंबे समय से एक ही जगह पदस्थापित रहने के कारण कुछ कर्मियों की कार्यप्रणाली में मनमानी की शिकायतें सामने आती रही हैं. हालांकि, इस संबंध में विभागीय स्तर पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगी स्थिति
जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही लगाए गए आरोपों की वास्तविकता और संबंधित कर्मी की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी.
