पाकुड़ में डायरिया का कहर: एक साथ 15 लोग बीमार, मलेरिया की भी एंट्री, डॉक्टरों की टीम ने संभाला मोर्चा

Pakur Diarrhea Case: पाकुड़ के अमड़ापाड़ा प्रखंड के मोरियो गांव में डायरिया फैलने से 12-15 लोग बीमार हो गए हैं. जबकि 3 लोग मलेरिया पॉजिटिव हैं. डॉ. खालिद के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने मोर्चा संभाला है.

पाकुड़ से रमेश भगत की रिपोर्ट

Pakur Diarrhea Case, पाकुड़ : पाकुड़ जिले स्थित अमड़ापाड़ा प्रखंड के डुमरचिर पंचायत अंतर्गत मोरियो गांव में गुरुवार को डायरिया का भयंकर प्रकोप फैलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. दरअसल अचानक गांव के करीब 12 से 15 महिला-पुरुषों को उल्टी-दस्त की शिकायत मिलने लगी. एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की खबर से अमड़ापाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का स्वास्थ्य महकमा तुरंत हाई-अलर्ट पर आ गया. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. खालिद अहमद के निर्देश पर डॉक्टरों, आरबीएसके (RBSK) टीम, एमपीडब्ल्यू और एएनएम की संयुक्त आपातकालीन मेडिकल टीम भारी मात्रा में जीवन रक्षक दवाइयों और सलाइन के साथ तत्काल गांव पहुंची और युद्धस्तर पर इलाज शुरू किया.

अहले सुबह मिली थी सूचना

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. खालिद अहमद ने बताया कि गुरुवार सुबह-सुबह उन्हें सूचना मिली कि मोरियो गांव में एक के बाद एक कई ग्रामीणों की तबीयत तेजी से बिगड़ रही है. बिना एक पल गंवाए मेडिकल टीम को गांव भेजा गया. डॉक्टरों ने जब प्रभावित गांव में कैंप लगाकर जांच शुरू की, तो 12 से 15 लोगों में डायरिया के कड़े लक्षण मिले. इसी जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम तब चौंक गई जब तीन ग्रामीण मलेरिया से भी संक्रमित पाए गए. इसके बाद सभी मरीजों को तुरंत स्लाइन चढ़ाई गई तथा ओआरएस (ORS), आरएल और डीएनएस सहित जरूरी दवाइयां दी गईं. तुरंत इलाज मिलने से कुछ ही घंटों में सभी मरीजों की हालत में सुधार होने लगा. फिलहाल वे सभी लोग खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं.

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गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव

संक्रमण और न फैले इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मोरियो गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया है. डायरिया की चपेट में आने वाले मुख्य मरीजों में सबीना मुर्मू, सुशांति किस्कू, लुखी किस्कू, सांतिना मुर्मू, मरंगबिटी मरांडी, तलामय हांसदा, संतोष किस्कू, पितिज मुर्मू, संजली हांसदा और सनोति किस्कू शामिल हैं. डॉ. खालिद अहमद और डॉ. नसीम अहमद की देखरेख में एएनएम और एमपीडब्ल्यू की टीम को लगातार गांव में ही कैंप करने और पल-पल की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है.

2024 में बड़ा बास्को में फैला था डायरिया

गौरतलब है कि अमड़ापाड़ा प्रखंड में डायरिया का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले वर्ष 2024 में यहां के बड़ा बास्को गांव में डायरिया का भयंकर प्रकोप देखा गया था, जहां 72 परिवारों के 50 से अधिक लोग एक साथ तड़पने लगे थे. तब भी स्वास्थ्य विभाग ने कैंप लगाकर जान बचाई थी. इस बार मौसम की शुरुआत में ही डॉक्टरों ने ग्रामीणों से अपील की है कि बरसात के इस मौसम में दूषित पानी से बीमारियों के फैलने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है. इसलिए लोग बासी भोजन से पूरी तरह परहेज करें, पानी को उबालकर या गर्म करके ही पीएं और आसपास गंदगी न होने दें. यदि किसी को भी उल्टी-दस्त की शिकायत हो, तो झाड़-फूंक या घरेलू इलाज के चक्कर में समय गंवाने के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचें.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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