जेइएमसीएल के एमडी वरुण रंजन को केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने सौंपा खनन समझौता
पाकुड़ से रमेश भगत की रिपोर्ट
पाकुड़ : पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड स्थित मार्गो ईस्ट और मार्गो वेस्ट कोयला खदानों का लीज आवंटन बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में किया गया. केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने झारखंड एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेइएमसीएल) के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन को दोनों खदानों से संबंधित खनन समझौता सौंपा. इसी कार्यक्रम में वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के 16वें दौर का भी शुभारंभ किया गया. इस दौर में 9 राज्यों में स्थित 25 कोयला ब्लॉकों को नीलामी के लिए पेश किया गया है.
55 प्रतिशत प्राथमिक ऊर्जा जरूरत कोयले से
केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि वाणिज्यिक कोयला खनन और कोयला गैसीकरण के माध्यम से भारत ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि कोयला भारत की प्राथमिक ऊर्जा जरूरतों का करीब 55 प्रतिशत पूरा करता है, जबकि देश में 71 प्रतिशत से अधिक बिजली उत्पादन में कोयला मुख्य ईंधन है. उन्होंने बताया कि भारत में करीब 400 बिलियन टन कोयले का भंडार है और वैश्विक स्तर पर कोयला भंडार के मामले में भारत पांचवें स्थान पर है. कोयला क्षेत्र देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
600 मिलियन टन से बढ़कर 1 अरब टन हुआ उत्पादन
मंत्री श्री दुबे ने बताया कि वर्ष 2014-15 में देश में करीब 600 मिलियन टन कोयले का उत्पादन होता था. पिछले दो वर्षों से देश लगातार 1 अरब टन से अधिक कोयला उत्पादन कर रहा है. वर्तमान में देश में 350 से अधिक कोयला खदानें संचालित हैं, जबकि कोयला क्षेत्र से करीब 5 लाख कर्मचारी, अधिकारी और मजदूर सीधे जुड़े हैं.
2020 के बाद 147 खदानों की नीलामी कोयला मंत्रालय की अपर सचिव रूपिंदर बराड़ ने बताया कि 18 जून 2020 को वाणिज्यिक कोयला खनन की औपचारिक शुरुआत के बाद से अब तक 147 कोयला खदानों की सफल नीलामी की जा चुकी है. पिछले वर्ष कैप्टिव और वाणिज्यिक खनन के माध्यम से कुल 214 मिलियन टन कोयले का उत्पादन हुआ, जो देश के कुल उत्पादन का 20 प्रतिशत से अधिक है.
गैसीकरण की 15 से 16 परियोजनाएं विभिन्न चरणों में
अपर सचिव सनोज कुमार झा ने कोयला गैसीकरण को लेकर सरकार की पहल की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि उच्च राख वाले भारतीय कोयले के गैसीकरण को लेकर तकनीकी चुनौतियों को दूर किया जा रहा है. वर्तमान में 15 से 16 परियोजनाएं योजना और क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं. इसके लिए सरकार ने 8,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं.
लीज मिलने के बाद अगले चरण की प्रक्रिया होगी शुरू
जेइएमसीएल के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन ने मार्गो ईस्ट और मार्गो वेस्ट कोयला खदानों का खनन समझौता प्राप्त होने को परियोजना के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण चरण बताया. उन्होंने कहा कि लीज आवंटन और खनन समझौता मिलने के बाद अब निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोनों परियोजनाओं के अगले चरणों को आगे बढ़ाया जाएगा. जेइएमसीएल निर्धारित शर्तों और प्रावधानों के अनुरूप खदानों के विकास की प्रक्रिया को गति देगा.
कार्यक्रम में कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने विभिन्न कंपनियों को खनन समझौते सौंपे. इनमें झारखंड एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग कॉरपोरेशन सहित तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की कंपनियां शामिल रहीं. कार्यक्रम में 15 से 17 नवंबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले इंडिया माइनिंग वीक में उद्योग जगत से भागीदारी का आह्वान भी किया गया.
मार्गो ईस्ट और मार्गो वेस्ट कोयला खदानों का लीज आवंटन लिट्टीपाड़ा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है. दोनों खदानों के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ने से क्षेत्र में खनन गतिविधियों के साथ रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों के विस्तार की संभावना बनेगी.
